मुरादाबाद। ट्रेनों को अब चंदौसी और गजरौला में दिशा बदलने के लिए अतिरिक्त समय नहीं लगाना पड़ेगा। रेलवे ने दोनों स्टेशनों पर बाईपास यानी कॉर्ड लाइन बनाने की तैयारी शुरू कर दी है। उत्तर रेलवे की वर्ष 2026-27 की पिंक बुक में चंदौसी और गजरौला में पांच-पांच किलोमीटर लंबी कॉर्ड लाइन के सर्वे को शामिल किया गया है। इन लाइनों के बनने से ट्रेनों को स्टेशन पर जाकर वापस दूसरी दिशा में चलने की जरूरत कम होगी और यात्रा का समय भी बचेगा।
चंदौसी में प्रस्तावित पांच किलोमीटर की कॉर्ड लाइन मुरादाबाद-अलीगढ़ के बीच ट्रेनों के संचालन में काम आएगी। अभी इस दिशा की ट्रेनों को चंदौसी जंक्शन पर दिशा बदलनी पड़ती है। इसके लिए ट्रेन को स्टेशन के यार्ड में ले जाना और फिर दूसरी दिशा में रवाना करना पड़ता है। इसमें समय लगता है। कॉर्ड लाइन बनने के बाद मुख्य रेल मार्ग से सीधा जुड़ाव हो जाएगा। इससे ट्रेनों को चंदौसी स्टेशन पर रिवर्सल से बचाया जा सकेगा। चंदौसी पहले से मुरादाबाद, बरेली और अलीगढ़ की ओर जाने वाले रेल मार्गों का महत्वपूर्ण जंक्शन है। ऐसे में नई लाइन बनने से इस रूट पर ट्रेनों के संचालन में आसानी होगी।
गजरौला में हापुड़-बिजनौर का रास्ता होगा सीधा
गजरौला में भी पांच किलोमीटर की कॉर्ड लाइन प्रस्तावित है। रेलवे के सर्वे में इसका उद्देश्य हापुड़ और बिजनौर के बीच चलने वाली ट्रेनों को रिवर्सल से बचाना बताया गया है। अभी इस दिशा में जाने वाली ट्रेनों को गजरौला में दिशा बदलने की जरूरत पड़ती है। बाईपास लाइन बनने के बाद ट्रेन मुख्य मार्ग से सीधे दूसरे रूट पर जा सकेगी। गजरौला से मुअज्जमपुर नारायण होते हुए बिजनौर की ओर रेल संपर्क है। इस मार्ग पर मंडी धनौरा, चांदपुर स्याऊ, हल्दौर और बिजनौर जैसे स्टेशन आते हैं। कॉर्ड लाइन बनने से इस पूरे क्षेत्र में ट्रेन संचालन को फायदा मिलने की उम्मीद है।
वर्जन
सर्वे के बाद आगे की मंजूरी और निर्माण की प्रक्रिया तय होगी। चंदौसी और गजरौला दोनों कॉर्ड लाइन बनने से ट्रेनों के रिवर्सल में लगने वाला समय बचेगा और मुरादाबाद मंडल के महत्वपूर्ण रेल मार्गों पर परिचालन और सुगम हो सकेगा।
- महेश यादव, सीनियर डीसीएम