मुरादाबाद। ग्रामीण क्षेत्रों में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना जिले में शुरुआती दौर में ही सुस्त पड़ती नजर आ रही है। जिन 10 ग्रामीण रूटों पर बसों के संचालन की योजना बनाई गई थी, उनमें से फिलहाल केवल एक रूट पर ही बस दौड़ रही है। जबकि बाकी नौ रूट पर यात्री अब भी बस सेवा का इंतजार कर रहे हैं।
परिवहन विभाग ने 13 अप्रैल को मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना के तहत 10 ग्रामीण मार्गों का आवंटन किया था। इनमें मुरादाबाद-ठाकुरद्वारा-मैसुबाला, शरीफनगर-ठाकुरद्वारा-मुरादाबाद, फजलपुर-डिलारी-मुरादाबाद समेत अन्य रूट शामिल हैं।
प्रत्येक रूट पर एक बस संचालित की जानी थी, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को बेहतर यातायात सुविधा मिल सके। लेकिन इस योजना के तहत अब तक केवल मुरादाबाद-ठाकुरद्वारा-मैसुबाला रूट पर ही बस संचालन शुरू हो पाया है। बाकी नौ रूटों पर बसें नहीं उतर सकी हैं।
बस संचालकों का कहना है कि नई बस खरीदने, उसका पंजीकरण, फिटनेस और अन्य औपचारिकताएं पूरी करने में कम से कम 90 दिन का समय लगता है, लेकिन परिवहन निगम की ओर से इतनी मोहलत नहीं दी गई। इस योजना से जुड़े अनुबंधित बस मालिक अमित गुप्ता ने बताया कि बसों को संचालन योग्य बनाने में पर्याप्त समय लगता है। यदि 90 दिन का समय दिया जाए तो सभी रूटों पर बसें शुरू की जा सकती हैं। बस मालिकों को बसों को तैयार करने का समय नहीं दिया गया। इसलिए बसें नहीं लगाई जा सकीं।