मुरादाबाद। पीतलनगरी बस अड्डे पर पानी भंडारन के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले टैंक की सतह पर गंदगी और रेत जमा है। बस अड्डे पर आने जाने वाले यात्री यही पाने पीते हैं। क्योंकि अधिकारी इस बारे में अनजान बने हुए हैं। इसके साथ ही दूषित पानी पीने के कारण यात्रियों में संक्रामक बीमारी होने का भय बना हुआ है।
मुरादाबाद जिले की पीतलनगरी बस अड्डे से विभिन्न जगहों के लिए रोज 12 हजार यात्रियों का आना जाना लगा रहता है। यात्रियों का प्यास बुझाने के लिए बस अड्डे पर पानी की टंकी लगाई गई है। टंकी के अंदर चारों ओर काई और रेत जमी हुई है। टंकी की साफ-सफाई कब की गई यह किसी को पता नहीं है। जिसका खामियाजा यात्रियों को भुगतना पड़ता पड़ रहा है, क्यों कि उन्हें इसके बारे में जानकारी नहीं होती है कि जो पानी वह पी रहे हैं वह दूषित है। चालकों और परिचालकों ने बताया कि टंकी की सफाई कब की गई इसकी कोई जानकारी नही है। वहीं यात्रियों का कहना है कि बस अड्डे पर पानी पीने में हमेशा डर बना रहता है। लेकिन मजबूरी में पानी पीना पड़ता है। क्योंकि बोतल बंद पानी 20 रूपये में आता है और बस अड्डे पर 25 रूपये में मिलता है।
यात्री प्रमोद कुमार, शिवम, साक्षी मलिक ने बताया कि बस अड्डे का पानी पीने के लिए कई बार सोचना पड़ता है। क्योंकि नल के आस-पास हमेशा गंदगी रहती है और पानी पर भरोसा नहीं होता कि पानी कहां से आ रहा है। लेकिन जब अधिक प्यास लगती है तो मजबूरी बस पानी पीना पड़ता है।