गांव डिडौरी में भाकियू नेता द्वारा किए गए निर्माण को अवैध बताते हुए उसे ध्वस्त करने पहुंची एमडीए की प्रवर्तनदल टीम को विरोध का सामना करना पड़ा। भाकियू नेता व उसके परिवार के विरोध के कारण बुलडोजर और पुलिस फोर्स के साथ पहुंची टीम को बैरंग लौटना पड़ा। गांव डिडौरी निवासी शीशपाल भाकियू नेता हैं।
उन्होंने गांव के निकट कुछ जमीन खरीद कर उस पर निर्माण करा रहे हैं। सूचना मिलने पर एमडीए की प्रवर्तन दल टीम, पुलिस बल और बुलडोजर लेकर शुक्रवार दोपहर उसे ध्वस्त करने पहुंच गई। बताया जाता है कि इस पर भाकियू नेता ने विरोध किया। भाकियू नेता के परिवार की महिलाएं व बच्चे एमडीए के बुलडोजर के आगे खड़े हो गए। भाकियू नेता का कहना था कि वह किसान है और उसे अपनी भूमि में घर बनाने का अधिकार है। जबकि एमडीए की टीम उसके द्वारा किए जा रहे निर्माण को अवैध बताते हुए उसे ध्वस्त करने की बात कह रही थी। इस बात को लेकर दोनों पक्षों में करीब एक घंटे तक नोकझोंक हुई। सूचना पर भाकियू के प्रांतीय नेता चरन सिंह और नौ सिंह ने भी एमडीए व पुलिस के अधिकारियों से वार्ता की। बाद में एमडीए की टीम बिना कोई कार्रवाई किए वापस लौट आई।
- अवैध प्लॉटिंग व निर्माण को लेकर कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में टीम डिडौरी पहुंची थी। वहां भाकियू नेता ने टीम से स्वयं अवैध निर्माण ध्वस्त करने के लिए समय मांगा। मौके पर मौजूद अधिकारियों ने उसे स्वेच्छा से अवैध निर्माण हटाने के लिए पांच दिन का समय दिया है। नहीं हटाने पर एमडीए अपनी कार्रवाई करेगी।
-शैलेष कुमार, वीसी
- मैं किसान हूं। अपनी खरीदी जमीन में मैं अपना घर बना रहा हूं। एमडीए के अधिकारियों से मैंने पांच दिन में स्वेच्छा से निर्माण तोड़ने की बात नहीं कही है। न ही मैं अपना निर्माण तोडूंगा। मेरे संगठन के नेताओं ने भी अधिकारियों से वार्ता की है। शनिवार को भाकियू नेताओं का एक प्रतिनिधि मंडल इस संबंध में वार्ता के लिए एमडीए दफ्तर जाएगा।
-शीशपाल, भाकियू नेता डिडौरी