मुरादाबाद। नगर निगम के वार्ड 47 के बुध बाजार का मुख्य नाला कई दिनों से चोक है, जिससे तीन दिनों से बुध बाजार की गली छह में जलभराव है। यहां ग्राहकों के आने की बात तो दूर, दुकानदारों को अपनी दुकानों पर जाना भी दुश्वार हो रहा है। समस्या बढ़ी तो पार्षद गौरव श्रीवास्तव भी लग गए लेकिन समाधान नहीं हुआ। आखिरकार तीसरे दिन नगर निगम की जेसीबी यहां पहुंची, तो नाला के ऊपर बने स्लैब तो तोड़कर सफाई का कार्य शुरू हुआ।
स्मार्ट सिटी मुरादाबाद का बुध बाजार प्रमुख बाजारों में से एक है। इसका बड़ा क्षेत्र वार्ड 47 में आता है। इसी में गली संख्या छह भी शामिल है। इस पूरी गली में बाजार है, पीछे क्लीनिक भी हैं और बड़ी कॉलोनी भी है, जिसका निकास इसी गली से ही। हर दिन यहां ग्राहकों का भी आना जाना रहता है। लेकिन बुध बाजार का मुख्य नाला तीन दिन पहले चोक हो गया। जिसके कारण जल निकासी बंद हो गई। समस्या यह है कि मुख्य बाजार के दुकानदारों ने नाले पर पक्की स्लैब डालकर उसे ढक दिया है, जिसके कारण उसकी सालों से सफाई नहीं हो सकी। जल निकासी बंद होने के कारण गली छह में सड़क पर ही पानी भर गया। यहां के दुकानदार पहले तो नगर निगम की टीमों के पहुंचने का इंतजार करते रहे। गुरुवार को क्षेत्रीय पार्षद गौरव श्रीवास्तव भी यहां पहुंचे। नगर निगम के सफाई कर्मचारियों को बुलाया लेकिन स्लैब को बिना तोड़े लकड़ी व सरिया आदि डालकर नाले को साफ करने का प्रयास करते रहे लेकिन सफलता नहीं मिली। परिणाम यह हुआ कि सड़कों पर पानी और बढ़ गया। आज सुबह से दुकानों पर जाना आना ही बंद हो गया तो व्यापारियों ने भी कई अफसरों को शिकायतें कीं। पार्षद गौरव श्रीवास्तव ने बताया कि कल भी नाले को साफ कराने का प्रयास किया गया था लेकिन सफलता नहीं मिली। आज नगर आयुक्त को बताया तो जेसीबी पहुंची। शाम तक नाला साफ कर समस्या का समाधान कर दिया गया है।
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तीन दिन से जलभराव है
- कहने को तो स्मार्टसिटी है लेकिन एक नाला चोक हो गया तो उसे साफ करने में नगर निगम की मशीनरी को तीन दिन लग गए, व्यापारियों को परेशानी झेलनी पड़ी।
संजय भंडूला
नियमित सफाई नहीं होती
- बुधबाजार के ठीक सामने ही नगर निगम का टाउन हाल कार्यालय है, यहां नगर निगम के कई बड़े अधिकारी बैठते हैं लेकिन यहां भी नाले की नियमित सफाई नहीं होती।
हरीश
लंबे समय से साफ नहीं हुआ नाला
- यह बुध बाजार का मुख्य नाला है, जो लंबे समय से साफ नहीं हुआ। साफ करने की व्यवस्था भी नहीं है, क्योंकि नाले के ऊपर पक्के स्लैब पड़ गए हैं, जिससे यह स्थिति बनी है।
विजय अरोड़ा
सिस्टम काफी स्लो
- नगर निगम कार्यालय पास में ही होने के बावजूद एक नाले को साफ करने में तीन दिन लग गए, इससे निगम के सिस्टम को समझा जा सकता है। कार्यप्रणाली सुस्त है।
अश्वनी सागर
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नाला बंद होने से आती है बदबू
- जब लंबे समय तक नाला साफ नहीं होता है, तो उसमें गंदगी सड़ने लगती है, जिसके कारण बदबू उठने लगी है, जिसके कारण दुकानदारों के साथ साथ ग्राहकों को भी दिक्कत होती है।
तरुण गुप्ता
शिकायत पार्षद से नहीं सिस्टम से है
- जहां तक पार्षद की बात है तो वह तो सूचना देने के बाद मौके पर आ गए थे, कल से वह यहां लगे भी हैं लेकिन नगर निगम के जेसीबी तीसरे दिन पहुंची है।
डॉ.शलभ मेहरोत्रा
नाले की हो नियमित सफाई
- दुकानों के सामने तो स्लैब डालना मजबूरी है लेकिन नगर निगम को कोई ऐसी व्यवस्था करनी चाहिए नाले की समय समय पर सफाई होती रहे, जिससे दिक्कत न हो।
-सचिन मित्तल
यहां सड़कों पर भी गड्ढे हो गए है
- बुध बाजार को महानगर का दिल कहा जाता है, लेकिन यहां कई स्थानों पर सड़कें टूटी हुई है, कई गड्ढे हो गए हैं, नगर निगम को सड़कों को दुरुस्त करना चाहिए।
विनायक मित्तल
गली ही नहीं कॉलोनी में भी भरा पानी
- बुध बाजार की गली छह में तो पानी भरा ही है, अंदर डेंटल क्लीनिक के सामने से होकर भारतीय स्टेट बैंक शाखा तक जलभराव है, जिससे यहां आना जाना ही बंद है।
मोहम्मद एहसान सलमानी
नाला चोक होने से सभी को दिक्कत
- शहर का मुख्य नाला चोक होना बड़ी बात है, अंदाजा लगाया जा सकता है कि कितने लंबे समय से साफ नहीं किया गया, इसकी तल तक सफाई होनी चाहिए।
पीयूष सैनी