यह घटना अमरोहा देहात थाना क्षेत्र के नन्हेड़ा अलियारपुर गांव में हुई। यहां पर दिवंगत भगवान दास का परिवार रहता है। भगवान दास सिंचाई विभाग में चपरासी रहे थे। उनके परिवार में पत्नी हुकुम देवी के अलावा बेटा श्योराज और तीन बेटी शकुंतला, ममता और संयोगता हैं। बड़ी बेटी शकुंतला और ममता की शादी हो चुकी है। लिहाजा दोनों अपनी ससुराल में रहती हैं। जबकि संयोगता करीब पांच साल से मुरादाबाद के निजी अस्पताल में नर्स का काम करती थी और यहीं पर एक युवक के साथ लिव-इन में रहती थी।
16 अक्तूबर को भगवान दास का निधन हो गया था जिसके बाद से संयोगता गांव में ही रहने लगी। पुलिस के मुताबिक, पिता की मौत के बाद संयोकता उनकी जमीन में बराबर का हिस्सा मांगती थी, जिसे लेकर संयोगता और उसके भाई श्योराज के बीच विवाद चल रहा था। सोमवार की सुबह करीब 11 बजे संयोगता, उसका भाई श्योराज और माता हुकुम देवी घर पर थे। जबकि श्योराज की पत्नी मनु और बच्चे खेत पर थे। इस बीच संयोगता और श्योराज के बीच जमीन को लेकर विवाद हो गया।
कहासुनी के दौरान जैसे ही उनकी माता हुकुम देवी नहाने के लिए बाथरूम गईं तभी श्योराज ने घर के भीतर चारपाई पर बैठी संयोगता के सिर पर धारदार हथियार या लोहे की रॉड से वार कर हत्या कर दी। नहाकर कमरे में आईं हुकुम देवी ने बेटी को लहूलुहान हालत में पड़ा देखा तो उनकी चीख निकल गई। अभियुक्त भाई श्योराज घटना को अंजाम देकर भाग गया। थोड़ी देर में लोगों की भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलते ही देहात थानाध्यक्ष सनोज प्रताप सिंह फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए और जांच-पड़ताल की।
सुरक्षा के लिहाज से सीओ सिटी अभिषेक यादव और डिडौली कोतवाली इंस्पेक्टर हरीश वर्धन सिंह भी मौके पर पहुंच गए। एसपी अमित कुमार आनंद के निर्देश पर मौके पर पहुंची फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल पर साक्ष्य जुटाए। संयोगता के सिर पर किस चीज से हमला किया वह वस्तु पुलिस को मौके पर नहीं मिली है।
जमीन को लेकर बहन की हत्या करने का आरोप उसके भाई पर लगा है। मामले में मृतका और अभियुक्त की मां हुकुम देवी की तहरीर पर श्योराज के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की जा रही है। गिरफ्तारी के लिए तीन टीमें में लगाई गई हैं। जल्दी ही पकड़ लिया जाएगा। घर से अभियुक्त की पत्नी और बच्चे भी भागे हुए हैं।
-अमित कुमार आनंद, एसपी अमरोहा
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