मुरादाबाद। एक करोड़ या उससे अधिक टर्नओवर वाले व्यवसायियों को 30 सितंबर तक अपना ऑडिट चार्टर्ड अकाउंटेंट से करवाना होगा। वरना आयकर विभाग पेनाल्टी लगा सकता है।
आयकर एवं जीएसटी के अधिवक्ता गौरव गुप्ता का मानना है कि ऑडिट नहीं कराने पर आयकर विभाग बिक्री का आधा प्रतिशत या डेढ़ लाख तक व्यापारी पर पेनाल्टी लगा सकता है। पेनाल्टी से बचने के लिए व्यापारियों को प्रत्येक दशा में 30 सितंबर 2024 से पहले अपना ऑडिट चार्टर्ड अकाउंटेंट से करवाना होगा। यदि किसी व्यापारी की बिक्री एक करोड़ से लेकर दो करोड़ तक है। वह आयकर विभाग द्वारा निर्धारित दर से अधिक लाभ प्रदर्शित करता है, ऐसे व्यापारियों को ऑडिट कराने की आवश्यकता नहीं है। जिन व्यापारियों को 30 सितंबर 2024 तक ऑडिट कराना है। उनको अपने चार्टर्ड अकाउंटेंट को कारोबार की खरीद, बिक्री, खर्च, लोन, संपत्ति, पूंजी, लेनदार, देनदार, रोकड़, टीडीएस, टीसीएस आदि सभी का विवरण देना होगा। चार्टर्ड अकाउंटेंट अपनी ऑडिट रिपोर्ट में उनको दर्ज करेगा। यदि ऑडिट रिपोर्ट में गलत विवरण दर्ज किया जाता है तो विभाग ऐसे व्यापारियों पर भारी पेनाल्टी लगाता है। ऑडिट में अपनी लेखा पुस्तकों में सही विवरण दर्ज करना चाहिए। ऑडिट रिपोर्ट ऑनलाइन आयकर विभाग की साइट पर चार्टर्ड अकाउंटेंट अपलोड करते हैं।
व्यापारियाें को उम्मीद, बढ़ेगी तारीख
- व्यापारियों को उम्मीद है कि ऑडिट की अंतिम तिथि 30 सितंबर से आगे बढ़ाई जा सकती है लेकिन ऑडिट की अंतिम तिथि बढ़ने की कोई संभावना नजर नहीं आ रही है। जिन व्यापारियों का ऑडिट होना है। उनका आयकर रिटर्न 31 अक्तूबर तक तक भरा जा सकता है।