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Video: आप मर्यादा का उल्लंघन कर रहे...यह विधानसभा नहीं, मुरादाबाद में जिपं अध्यक्ष व BJP विधायक में नोकझोंक

Sat, 08 Mar 2025 02:28 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद

सार

मुरादाबाद में जिला पंचायत की बोर्ड बैठक के दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. शैफाली सिंह और कुंदरकी विधायक रामवीर सिंह के बीच अधिकारियों की अनुपस्थिति और विकास कार्यों को लेकर तीखी नोकझोंक हो गई। अध्यक्ष ने विधायक पर मर्यादा उल्लंघन का आरोप लगाते हुए कहा कि यह विधानसभा नहीं है, वहां जाकर शोर मचाएं। स्थिति बिगड़ते देख एमएलसी डॉ. जयपाल सिंह व्यस्त ने हस्तक्षेप कर दोनों नेताओं को शांत कराया।
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जिला पंचायत की बोर्ड बैठक में अध्यक्ष शैफाली सिंह और विधायक रामवीर सिंह - फोटो : संवाद
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विस्तार
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मुरादाबाद के सर्किट हाउस में शुक्रवार को जिला पंचायत की बोर्ड बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. शैफाली सिंह और कुंदरकी विधायक रामवीर सिंह के बीच अधिकारियों की अनुपस्थिति और विकास कार्यों के मुद्दे पर तीखी नोकझोंक हुई। जिला पंचायत अध्यक्ष ने विधायक से कहा कि आप मर्यादा का उल्लंघन कर रहे हैं। यह विधानसभा नहीं है। वहां जाकर शोर मचाइए।

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उन्होंने बैठक स्थगित करने की चेतावनी भी दे दी। अंत में एमएलसी डॉ. जयपाल सिंह व्यस्त ने दोनों नेताओं को शांत कराया। भाजपा नेताओं के बीच हुई जुबानी जंग से बैठक में माैजूद सपा विधायक भी स्तब्ध रह गए। सर्किट हाउस में जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. शैफाली सिंह की अध्यक्षता में बोर्ड बैठक शुरू हुई।

कुंदरकी विधायक रामवीर सिंह ने कहा कि बजट पास होने से पहले अधिकारियों का परिचय होना चाहिए। काैन आया है और काैन नहीं। उन्होंने एक-एक अधिकारी के बारे में पूछना शुरू कर दिया। इस दौरान बिजली विभाग, पीडब्ल्यूडी सहित कई विभागों के अधिकारी गैरहाजिर थे। विधायक ने अनुपस्थित अधिकारियों के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पास करने के लिए कहा।
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साथ ही अपर मुख्य अधिकारी अशोक कुमार से कहा कि उनकी पत्नी वार्ड 31 से जिला पंचायत सदस्य हैं। उनके क्षेत्र में किसी अन्य व्यक्ति के प्रस्ताव पर कार्य कराया जा रहा है। अपर मुख्य अधिकारी ने बताया कि उनके क्षेत्र में भाजपा के मंडल अध्यक्ष के प्रस्ताव पर कार्य कराए जा रहे हैं। इस पर विधायक भड़क गए और नाराजगी जताने लगे।

इसी बात पर जिला पंचायत अध्यक्ष नाराज हो गईं। उन्होंने कहा कि अध्यक्ष के बोलते समय किसी को बोलने का हक नहीं है। अध्यक्ष की अनुमति के बिना बैठक में कोई विषय नहीं उठाया जा सकता। विधायक का जिला पंचायत की बैठक में पदेन सदस्य के नाते बोलने का कोई हक नहीं है। यह विधानसभा नहीं है। आप विधानसभा में जाकर शोर मचाइए।

विधानसभा के शोर-शराबे के तरीके यहां नहीं चलेंगे। आप शुरू से बैठक में बाधा डाल रहे हैं। आप अपने कार्यकाल का सवाल पूछिए। दोनों भाजपा नेताओं के बीच नोकझोंक होती देखकर एमएलसी डॉ. जयपाल सिंह व्यस्त ने हस्तक्षेप किया। उन्होंने कहा कि जरा मर्यादा का ख्याल रखें।

विधायक ने कहा कि गुरुजी हम कुछ नहीं कर रहे हैं। इसके बाद दोनों नेता शांत हो गए। बैठक में एमएलसी गोपाल अंजान, कांठ से सपा विधायक कमाल अख्तर, बिलारी से सपा विधायक मो. फहीम इरफान भी माैजूद रहे।

अध्यक्ष ने सपा विधायक के प्रस्ताव को किया स्वीकार 
कांठ विधायक कमाल अख्तर ने बैठक में कहा कि जिला पंचायत के विकास कार्यों में स्थानीय विधायकों का नाम शिलापट पर अंकित होना चाहिए लेकिन कुछ स्थानों पर ऐसा नहीं हो रहा है। शासनादेश का पालन होना चाहिए। अध्यक्ष ने सपा विधायक के इस प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया।

अधिकारी के उठकर जवाब देने पर भी हुई भिड़ंत
नोकझोंक के बीच कुंदरकी विधायक ने जल निगम के अभियंता से सवाल किया कि उनके क्षेत्र के शिवपुरी में छह साल से पानी की टंकी बन गई लेकिन उसका ढुल्ला आज तक खुला नहीं है। विधायक ने अभियंता से कहा कि उठकर जवाब दें। इस बीच जिला पंचायत अध्यक्ष ने कहा कि बैठ जाएं। बगैर अध्यक्ष की अनुमति किसी को नहीं उठना है। विधायक सिर्फ अड़ंगा डालने आए हैं।

अंत में अभियंता ने बताया कि उन्हें 2023 में काम मिला है। टंकी का कुछ काम ही बाकी है। फिर कुंदरकी विधायक ने सवाल उठाया कि उनके क्षेत्र में एमडीए के कर्मचारी 20 गज की दुकान के लिए शुल्क मांगते हैं। लोगों का मकान बनाना कठिन हो गया है। इस मामले में अपर मुख्य अधिकारी ने कहा कि विस्तार के बाद वह क्षेत्र एमडीए के अधीन हो गया है। विधायक ने कहा कि वह इस मामले में शासन में वार्ता करेंगे।

49 करोड़ के प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित

जिला पंचायत बोर्ड की बैठक के दौरान 49 करोड़ के प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित हो गए। साथ ही विभाग ने पांचवें और 15वें वित्त आयोग के तहत 33 करोड़ के कार्य कराने का संकल्प लिया। अपर मुख्य अधिकारी अशोक कुमार ने बोर्ड बैठक में वित्त वर्ष 2024-25 के मूल बजट और 2025-26 के बजट पर विचार के लिए प्रस्ताव रखा।

बताया कि जिले की सीमा पर सीमा सूचक और स्वागत द्वार का निर्माण कराया गया। श्रावण मास के अवसर कांवड़ पथ प्रकाश, गेट के कार्य कराए गए। मुख्यमंत्री के शिलान्यास और लोकार्पण के दौरान 219 निर्माण कार्यों के लिए साइन बोर्ड, ग्रेनाइट पत्थर के कार्य कराए गए। 

विकास खंड ठाकुरद्वारा की ग्राम पंचायत फरीदपुर में अशोक ठाकुर के मकान, जूनियर हाई स्कूल से नहर तक खड़ंजा मार्ग की मरम्मत कराई गई। ठेकेदारों के पंजीकरण के नुकसान को कम किया गया। बताया कि नगर निगम की तरह विज्ञापन और होर्डिंग के कार्य किए जाएंगे। इस दौरान कुछ 49 करोड़ के प्रस्ताव को ध्वनिमत से पारित किया गया।

वन नेशन-वन इलेक्शन का विरोध 
बैठक में वन नेशन-वन इलेक्शन के प्रस्ताव का भाजपा नेताओं और कुछ जिला पंचायत सदस्यों ने समर्थन किया। इस दौरान सपा के दोनों विधायकों ने इस प्रस्ताव का विरोध किया। कहा कि अभी जनता उतनी शिक्षित नहीं है कि एक साथ सभी प्रत्याशियों के नाम पढ़ सके। 

22.15 लाख रुपये के   लाभ में है जिला पंचायत
अपर मुख्य अधिकारी ने बताया कि पांचवें वित्त आयोग के तहत 16 करोड़ और 15 वें वित्त आयोग के तहत 17 करोड़ के कार्य कराए जाएंगे। वेतन और अन्य कार्यों पर खर्च के बावजूद जिला पंचायत 22.15 लाख रुपये के लाभ मेंं है। बोर्ड बैठक में जिला पंचायत के मुख्य लिपिक पवन कुमार त्यागी को प्रशासनिक अधिकारी के रिक्त पद पर प्रोन्नति करने का प्रस्ताव पारित किया गया। सभी सदस्यों ने इस प्रोन्नति का मेज थपथपाकर स्वागत किया।
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अध्यक्ष बोलीं, नहीं रुक रहा भ्रष्टाचार
जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. शैफाली सिंह अधिकारियों की लापरवाही पर जमकर बरसीं। उन्होंने आरोप लगाया कि बोर्ड की बैठक में अधिकारी नहीं आते हैं। किसी सदस्य की शिकायत पर ध्यान नहीं देते हैं। योगी सरकार में भ्रष्टाचार पर जीरो टाॅलरेंस की नीति है, लेकिन यहां आटा में नमक नहीं, नमक में आटा मिलाकर लोग खा रहे हैं यानी भ्रष्टाचार कम नहीं हो रहा है।

जिला पंचायत अध्यक्ष ने बताया कि जिले में हेपेटाइटिस बी और सी तेजी से फैल रहा है। इस मामले में उन्होंने सीएमओ से शिकायत की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष सदस्य मंजू देवी के बेटे को बाहर जाने के निर्देश दिए लेकिन अन्य सदस्यों के अनुरोध पर उसे बैठने की इजाजत मिली।

आरोप था कि सदस्य का बेटा बैठक में व्यवधान पैदा कर रहा था। एमएलसी डॉ. जयपाल सिंह व्यस्त ने कहा कि उन्होंने चार साल पहले विद्युत लाइन शिफ्ट करने के लिए अधिकारियों से कहा था लेकिन काफी दवाब बनाने पर काम हो सका। अधिकारी काफी लापरवाह हो गए हैं। जिला पंचायत सदस्य मुकेश ने सभी जिला पंचायत सदस्यों के क्षेत्र में प्याऊ लगाने की मांग की।

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