मुरादाबाद। जिले में नो मैपिंग के साथ नए मतदाता फार्म में कमी निकालकर बीएलओ लोगों को लौटा दे रहे हैं। इस मामले में सपा और कांग्रेस के लोगों ने डीएम और एडीएम प्रशासन से शिकायत की। दोनों अधिकारियों ने राजनीतिक दलों को जवाब देकर संतुष्ट किया। कलक्ट्रेट में जिला प्रशासन ने एसआईआर अभियान को लेकर आ रही दिक्कतों का निराकरण करने के लिए बैठक बुलाई। बैठक के दौरान राजनीतिक दलों के नेताओं ने डीएम अनुज सिंह और एडीएम प्रशासन संगीता गौतम से सवाल किए। इस दौरान सपा की तरफ से महेंद्र सिंह, असगर पासा, शाने अली शानू ने सवाल किया। बताया कि बीएलओ लोगों के फार्म कमी निकालकर वापस लौटा रहे हैं। एक परिवार में दस दस लोगों को नोटिस भेजे गए हैं। वसीम कुरैशी ने कहा कि दस्तावेज पूरे होने पर भी बीएलओ फार्म वापस कर रहे हैं। कांग्रेस नेता ने कहा कि जन्म प्रमाण का सर्टिफिकेट बीएलओ और अधिकारी नहीं मान रहे हैं। इस दौरान भाजपा नेताओं ने कोई सवाल नहीं किया। डीएम ने बताया कि फार्म में 13 तरफ से सर्टिफिकेट मान्य हैं। पुरानी संपत्ति के कागजात भी मान्य हैं। दोनों अधिकारियों ने एक एक सवालों के जवाब दिए। डीएम ने राजनीतिक दलों से के प्रतिनिधियों से कहा कि सभी लोग विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण कार्य में सहयोग प्रदान करें। प्रारूप 6 में घोषणा पत्र अधूरा न छोड़ें। इस दौरान प्रारूप 7 और प्रारूप 8 भरवाने की जानकारी दी गई। बताया कि बिलारी, ठाकुरद्वारा, कुंदरकी और कांठ विधानसभा क्षेत्र में प्रारूप 6 भरवाने में तेजी लाने की जरूरत है। आयोग द्वारा निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 6 फरवरी तक दावे एवं आपत्तियां प्राप्त की जाएंगी। 27 फरवरी तक दावे एवं आपत्तियों के निस्तारण का कार्य चलेगा। इस प्रकार 6 मार्च 2026 को निर्वाचन नामावलियों का अंतिम रूप से प्रकाशन किया जाएगा।