भाजपा नेता अनुज चौधरी की हत्या का सौदा 30 लाख रुपये में तय हुआ था। हत्या का कारण चुनावी रंजिश बनी। पुलिस ने बुधवार को असमोली की ब्लॉक प्रमुख संतोष देवी के बेटे अनिकेत, उसके दोस्त रेलवे कर्मचारी नीरज पाल को गिरफ्तार कर हत्याकांड का खुलासा कर दिया है। अनुज और मोहित चौधरी के बीच दुश्मनी का बीज 2014 में छात्र राजनीति में ही पड़ गया था।
भाजपा नेता हत्याकांड में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। अनुज और मोहित चौधरी के बीच दुश्मनी का बीज 2014 में छात्र राजनीति में ही पड़ गया था। नौ वर्षों में दो हत्याएं हो चुकी हैं। खुद मोहित चौधरी पर भी जानलेवा हमला हो चुका है। सात गोलियां लगने के बाद भी वह बच गया था।
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2014 में डिग्री कॉलेजों में छात्रसंघ चुनाव का एलान हुआ था। केजीके कॉलेज से ठाकुरद्वारा क्षेत्र के लौंगी कलां निवासी और उस वक्त के एबीवीपी के जिला संयोजक दीपक चौहान ने छात्रसंघ अध्यक्ष पद पर दावेदारी की थी। संभल जनपद के भवालपुर निवासी मोहित चौधरी भी केजीके कॉलेज का छात्र था।
वह वेट लिफ्टिंग में विश्वविद्यालय स्तर पर कई पदक जीत चुका था। कुछ नेताओं ने मोहित के सिर पर हाथ रखा तो वह भी छात्र राजनीति में कूद गया। हालांकि, दीपक चौहान की लोकप्रियता के आगे वह छात्रों में अपनी पकड़ नहीं बना पा रहा था।
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बताया जा रहा है कि अनुज चौधरी भी दीपक का समर्थन कर रहा था। दो जनवरी 2014 की रात सिविल लाइंस की आशियाना कॉलोनी में दीपक चौहान की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई थी। उस वक्त दीपक अपने रिश्ते के चाचा नीटू चौहान के घर से लौट रहा था।
इस मामले में पुलिस ने मोहित चौधरी और उसके साथियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। बाद में आरोपी जमानत पर छूट गए थे। मोहित चौधरी और अनुज चौधरी के गांव आसपास हैं। 2020 में मोहित चौधरी ने जिला पंचायत का चुनाव संभल के उसी वार्ड से लड़ने की तैयारी शुरू कर दी थी, जहां से अनुज चौधरी तैयारी कर रहा था।
इसी बात को लेकर दोनों के बीच रंजिश बढ़ती जा रही थी। दो सितंबर 2020 की रात अमरोहा में मोहित चौधरी पर हमला हुआ था। उसे सात गोलियां लगी थीं। उस वक्त वह पूर्व सांसद देवेंद्र नागपाल की माता के अंतिम संस्कार में शामिल होकर लौट रहा था।
अक्तूबर 2022 में दीपक चौहान हत्याकांड में मोहित और उसके दोस्त रोहित चौधरी को आजीवन कारावास की सजा हो गई थी। मोहित अब बरेली सेंट्रल जेल में बंद है। दूसरी ओर, अनुज चौधरी ने असमोली ब्लॉक प्रमुख के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारी कर रहा था।
इससे ब्लॉक प्रमुख के बेटे अनिकेत और पति प्रभाकर को कुर्सी जाने का डर सजा रहा था। इसलिए पिता पुत्र ने मोहित के भाई अमित के साथ मिलकर अनुज चौधरी की हत्या करवा दी।
तीस लाख देकर कराई गई थी भाजपा नेता अनुज की हत्या
भाजपा नेता अनुज चौधरी की हत्या का सौदा 30 लाख रुपये में तय हुआ था। हत्या का कारण चुनावी रंजिश बनी। पुलिस ने बुधवार को असमोली की ब्लॉक प्रमुख संतोष देवी के बेटे अनिकेत, उसके दोस्त रेलवे कर्मचारी नीरज पाल को गिरफ्तार कर हत्याकांड का खुलासा कर दिया है।
पुलिस का दावा है कि अनिकेत, उसके पिता प्रभाकर चौधरी और केजीके कॉलेज के क्लर्क अमित चौधरी ने हत्या की सुपारी दी थी। अमित छात्र नेता दीपक चौहान की हत्या में उम्रकैद की सजा काट रहे मोहित चौधरी का भाई है। नीरज पाल ने हथियार और शूटर उपलब्ध कराए थे।
तीन शूटर और तीन साजिशकर्ता अभी फरार हैं। एसएसपी हेमराज मीना ने बताया कि संभल जनपद के ऐचोड़ा कम्बोह थाना क्षेत्र के अलिया नेकपुर निवासी अनुज चौधरी की नया मुरादाबाद स्थित पार्श्वनाथ प्रतिभा सोयायटी में 10 अगस्त की शाम छह बजे गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
ऐचोड़ा कम्बोह थाना क्षेत्र के हाजीबेड़ा निवासी ब्लॉक प्रमुख के बेटे अनिकेत और अमित चौधरी में दोस्ती है। दोनों ने तीसरे दोस्त हरथला रेलवे कॉलोनी, सिविल लाइंस निवासी नीरज पाल के जरिये शूटरों से अनुज की हत्या कराने की साजिश रची थी। इस साजिश में अनिकेत ने पिता प्रभाकर और अमित ने अपने रिश्ते के भाई पुष्पेंद्र को भी शामिल किया।
इसके बाद नीरज पाल के जरिये शूटर सूर्यकांत शर्मा उर्फ शानू पुत्र अरविंद शर्मा, सुशील शर्मा उर्फ गोलू शर्मा निवासी ब्रहमपुरी जयंतीपुर थाना मझोला और आकाश कश्यप उर्फ कटवा निवासी भदौड़ा थाना कटघर से तीस लाख रुपये में हत्या की सुपारी तय की थी। उन्हें छह लाख रुपये एडवांस दिए गए थे।