भाजपा ने शनिवार की रात 195 सीटों पर उम्मीदवार घोषित कर दिए। यूपी की भी 51 लोकसभा सीटों के लिए उम्मीदवारों का एलान कर दिया है। मुरादाबाद मंडल में भाजपा ने पिछड़ों पर दांव लगाया है। रामपुर, संभल-अमरोहा से पुराने उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है।
मुरादाबाद मंडल की चार लोकसभा सीटों पर भाजपा ने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। नगीना सुरक्षित सीट को छोड़कर तीन सीटों पर भाजपा ने पिछड़ों पर दांव लगाया है। रामपुर, संभल और अमरोहा लोकसभा सीट पर पार्टी ने पुराने चेहरों को ही मैदान में उतारा है। मुरादाबाद और बिजनौर सीट पर अभी उम्मीदवारों की घोषणा होना बाकी है।
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मुरादाबाद मंडल में छह लोकसभा क्षेत्र हैं। इसमें मुरादाबाद, रामपुर, संभल, अमरोहा, बिजनौर और नगीना सीट है। 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा मंडल की सभी छह सीटें हार गई थी। जबकि 2014 में चुनाव में पार्टी ने मंडल की सभी सीटों पर जीत दर्ज की थी।
इस बार 2014 के प्रदर्शन को दोहराने के लिए जातिगत समीकरण के मंथन के बाद भाजपा ने शनिवार शाम लोकसभा के उम्मीदवारों की घोषणा की है। इसमें मुरादाबाद मंडल की चार लोकसभा सीटें शामिल हैं। पार्टी ने रामपुर लोकसभा सीट से मौजूदा सांसद घनश्याम लोधी, संभल से पूर्व एमएलसी परमेश्वर लाल सैनी, अमरोहा से पूर्व सांसद कंवर सिंह तंवर को प्रत्याशी बनाया है।
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ये सभी पिछड़ी जाति से ताल्लुक रखते हैं। वहीं सुरक्षित सीट नगीना से भाजपा ने विधायक ओम कुमार पर दांव लगाया है। मुरादाबाद और बिजनौर लोकसभा सीट से प्रत्याशियों की घोषणा अभी नहीं की गई है। यहां भी जातिगत समीकरण को साधने की कोशिश की जा रही है।
कंवर सिंह तंवर पर लगातार तीसरी बार दांव
अमरोहा लोकसभा सीट से भाजपा ने पूर्व सांसद कंवर सिंह तंवर पर फिर से भरोसा जताया है। पार्टी ने उन्हें लगातार तीसरी बार अपना उम्मीदवार बनाया है। कंवर गुर्जर बिरादरी से आते हैं। भाजपा ने कंवर को पहली बार 2014 में प्रत्याशी बनाया था।
इस चुनाव में कंवर ने सपा उम्मीदवार हुमैरा अख्तर को हराया था। वहीं 2019 के लोकसभा चुनाव में कंवर को हार का सामना करना पड़ा था। सपा-बसपा गठबंधन प्रत्याशी कुंवर दानिश अली से चुनाव हार गए थे। कंवर सिंह तंवर के बेटे ललित सिंह तंवर अमरोहा के जिला पंचायत अध्यक्ष हैं।
परमेश्वर लाल और लोधी पर दूसरी बार जताया भरोसा
भाजपा ने अमरोहा की तरह रामपुर और संभल लोकसभा सीट पर पुराने चेहरे पर ही दांव लगाया है। पार्टी ने संभल से पूर्व एमएलसी परमेश्वर लाल सैनी और रामपुर से मौजूदा सांसद घनश्याम लोधी पर दूसरी बार भरोसा जताया है। 2019 में परमेश्वर लाल सैनी सपा प्रत्याशी डॉ. शफीकुर्रहमान बर्क से चुनाव हार गए थे। जबकि रामपुर लोकसभा सीट पर हुए उपचुनाव में पार्टी ने घनश्याम लोधी को अपना उम्मीदवार बनाया था। घनश्याम लोधी ने सपा उम्मीदवार आसिम राजा ने शिकस्त दी थी।
पिछड़ों के सहारे फिर दोहराएंगे 2014 का प्रदर्शन
पिछड़ों के सहारे ही इस बार भी मंडल में भाजपा 2014 के प्रदर्शन को दोहराएगी। 2014 के लोकसभा चुनाव में मंडल की सभी छह सीटों पर कमल खिला था। आरक्षित सीट नगीना और मुरादाबाद को छोड़ बाकी चार सीटों पर पार्टी ने पिछड़े को ही अपना उम्मीदवार बनाया था। हालांकि 2019 में सपा और बसपा गठबंधन के आगे पिछड़े का दांव फेल गया था। लेकिन इस बार बसपा गठबंधन से बाहर है। ऐसे में भाजपा की राह आसान हो सकती है।