सिविल लाइंस के काजीपुरा निवासी भाजपा पार्षद कृपाल सिंह ने बताया कि उनका भतीजा निखिल 12वीं का छात्र था। छजलैट के कुचावली गांव निवासी उसके दोस्त यश ने पांच हजार रुपये उधार लिए थे। यश ने दो हजार रुपये ऑनलाइन वापस कर दिए थे, लेकिन तीन हजार रुपये वापस करने के लिए निखिल को अपने घर बुलाया था।
निखिल सोमवार सुबह करीब साढ़े नौ बजे ठाकुरद्वारा के फरीदनगर निवासी अपने फुफेरे भाई ज्ञानेंद्र के साथ रुपये लेने कुचावली पहुंच गया। आरोप है कि यश, उसके परिजनों और अन्य ग्रामीणों ने दोनों को बंधक बना लिया और उनकी पिटाई शुरू कर दी। निखिल को खेत की जोताई करने वाले यंत्र से बांध दिया, जबकि ज्ञानेंद्र को कमरे में बंद कर दिया। पिटाई से निखिल की मौत हो गई। इसके बाद आरोपी घबरा गए और घर से भाग गए।
लोगों की सूचना मिलने पर परिजन पहुंच गए और उन्होंने पुलिस को जानकारी दी। एसपी देहात कुंवर आकाश सिंह, सीओ अपेक्षा निम्बाड़िया फोरेंसिक टीम के साथ माैके पर पहुंचीं। एसपी देहात ने बताया कि युवक के ताऊ कृपाल सिंह ने यश कुमार, उसके पिता अजीत सिंह, मां ऋतु, अमित, अनिल, हरज्ञान, प्रमोद, चंचल और तीन अज्ञात के खिलाफ हत्या की तहरीर दी है। तहरीर के आधार पर केस दर्ज कर घटना की जांच की जा रही है। रुपयों के लेनदेन और चोरी की बात सामने आई है।
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पड़ोसी के घर चोरी में आया यश का नाम
पुलिस की जांच में यह बात भी सामने आई कि कुचावली गांव में 19 अप्रैल को अनिल कुमार के घर से कुछ जेवर चोरी हो गए थे, जिसका आरोप यश पर आया था। बाद में एक अंगूठी और चेन भी बरामद हो गई थी। इस मामले में गांव में पंचायत हुई थी। पंचायत में समझौता हो गया था। आरोपी यश ने खुद को बचाने के लिए कुछ युवकों के झूठे नाम बताए थे। इसके चलते ही यश द्वारा निखिल को योजनाबद्ध तरीके से घर बुलाया गया था। यहां उसके साथ मारपीट की गई, जिसमें जान चली गई।