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Sambhal News: छुट्टा पशु को बचाने के प्रयास में पेड़ से टकराई बाइक, चचेरे-तहेरे भाइयों की मौत... दो अन्य घायल

Thu, 30 Jan 2025 05:50 PM IST
विमल शर्मा संवाद न्यूज एजेंसी, जुनावई (संभल)

सार

मेरठ-बदायूं हाईवे पर आवारा पशु को बचाने के प्रयास में बाइक बबूल के पेड़ से टकरा गई। इसमें दो चचेरे-तहेरे भाइयों की मौत और दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। चारों युवक एक ही बाइक पर रिश्तेदारी में जा रहे थे, तभी यह हादसा हुआ।
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हादसे में जान गंवाने वाले युवक - फोटो : संवाद
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विस्तार
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मेरठ- बदायूं हाईवे पर बुधवार रात साढ़े दस बजे के करीब गांव धनीपुर के पास आवारा पशु को बचाने के चक्कर में बाइक बबूल के पेड़ से टकरा गई। हादसे में चचेरे- तहेरे भाई खुशीराम उर्फ जंटर (22) पुत्र चेतराम राणा और खुशीराम (20) पुत्र छत्रपाल राणा निवासी गांव देवर कंचन थाना जुनावई की मौत हो गई। हादसे में उनके अन्य दो साथी गंभीर रूप से घायल हो गए।

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चारों युवक एक ही बाइक पर सवार होकर रजपुरा थाना क्षेत्र के गांव चाऊपुर रिश्तेदारी में जा रहे थे। पुलिस ने दोनों शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे हैं। जुनावई थाना क्षेत्र के गांव देवर कंचन निवासी खुशीराम और खुशीराम आपस में चचेरे- तहेरे भाई थे। बुधवार रात साढ़े दस बजे करीब दोनों भाई गांव के ही दुर्गेश कुमार (21) और इस्लामनगर थाना क्षेत्र के गांव नौगवां निवासी मोहर सिंह (14) के साथ एक ही बाइक पर रजपुरा थाना क्षेत्र के गांव चाऊपुर रिश्तेदारी में जा रहे थे।

मेरठ - बदायूं हाईवे स्थित गांव धनीपुर के पास पहुंचने पर उनकी बाइक के सामने अचानक छुट्टा पशु आ गया। उसको बचाने के चक्कर में बाइक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे लगे बबूल के पेड़ से टकरा गई। टकराने के बाद बाइक सवार चारों युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना पर आई पुलिस ने एंबुलेंस की सहायता से चारों घायलों को सीएचसी पहुंचाया।
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जहां खुशीराम को चिकित्सक ने मृत घोषित कर दिया। बाकि तीन घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद हायर सेंटर के लिए रेफर कर दिया गया। जहां रास्ते में खुशीराम उर्फ जंटर ने दम तोड़ दिया। पुलिस ने दोनों युवकों के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। परिजनों ने बताया कि मृतक खुशीराम उर्फ जंटर नोएडा में ट्रैक्टर-ट्राॅली चलाने का काम करता था।

वह सात दिन पहले ही नोएडा से गांव लौटा था। मृतक अपने पीछे पत्नी हेमलता और चार दिन के बेटे को रोता बिलखता छोड़ गया। वहीं खुशीराम दिल्ली में रहकर मेहनत मजदूरी करता था। बताया कि वह दो दिन पहले दिल्ली से गांव लौटा था।

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