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चंद्रग्रहण को लगा काले बादलों का ग्रहण, नहीं देख पाए लाल चांद

Sat, 28 Jul 2018 02:40 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मुरादाबाद
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blood moon
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घने बादलों ने शुक्रवार रात को सदी के सबसे बड़े चंद्रग्रहण की घटना को अपने आगोश में ले लिया। बरसात और बादलों के चलते लोग चंद्रग्रहण का दीदार नहीं कर सके। आधी रात को चंद्रग्रहण शुरू होने पर लोग टीवी पर टकटकी लगाकर चंद्रग्रहण को देखने को बेताब रहे। इससे पहले चंद्रग्रहण का सूतक लगने पर दोपहर में ही मंदिरों केकपाट बंद हो गए थे।
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मौसम की मार से जिले में सदी के सबसे बड़े चंद्रग्रहण के दीदार नहीं हो सके। रात में घने बादलों के छाने और हल्की बारिश से चांद दिखाई ही नहीं दिया। लोगों को सदी की इस बड़ी घटना को देखने की बड़ी तमन्ना थी। लोग आध रात तक जागते रहे और बादलों केे छंटने का इंतजार करते रहे। बादलों में चाद के दिखाई न देने पर लोग टीवी पर ही चंद्रग्रहण को देखकर संतुष्ट हुए।

उससे पहले चंद्रग्रहण के सूतक लगने के चलते मंदिरों के कपाट दोपहर में ही बंद कर दिए गए। रेलवे कालोनी के मनोकामना मंदिर सहित कई में 12 घंटे पहले तो कई अन्य में नौ घंटे पहले कपाट बंद किए गए। कपाट बंद होते ही लोगों ने मंदिरों के बाहर खड़े होकर पूर्जा अर्चाना शुरू की। आधी रात में चंद्रग्रहण शुरू होते ही कई लोगों ने घरों में तो कई ने मंदिरों के बाहर खड़े होकर पूजा अर्चना की।
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ज्योतिषाचार्य पं. सुरेंद्र शर्मा ने बताया कि मंदिरों के कपाट चंदग्रहण के दौरान नहीं खोले जा सकते हैं, ऐसे में ज्यादातर मंदिरों में शाम की आरती नहीं हुई। सुबह 3:54 पर देव प्रतिमा को स्नान कराकर मंदिरों की सफाई करके और गंगाजल से छिड़काव कराने के बाद ही आती की जाएगी।

21 वी सदी का सबसे बड़ा चंद्रग्रहण मुरादाबाद में एक घंटा 43 मिनट तक दिखने वाला था। इसको नंगी आंखों से बिना किसी उपकरण केदेखा जा सकता था। ऐसे में ज्यादातर लोगों की इच्छा थी कि इस बड़ी खागोलीय घटना के गवाह बनें, लेकिन ऐसा नहीं हो सका।
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