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भाखड़ा डैम में रिसाव: पानी का बहाव रोकने की जद्दोजहद जारी, जियो ट्यूब बहने के बाद मिट्टी की दीवार की तैयार

Sat, 19 Sep 2026 07:07 PM IST
Vimal Sharma संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर (रामपुर)

सार

भाखड़ा डैम से हो रहे रिसाव को रोकने के लिए नहर विभाग ने नई रणनीति अपनाई है। चार जियो ट्यूब बहने के बाद जलाशय में 40 मीटर लंबी और पांच मीटर ऊंची मिट्टी की दीवार बनाई गई है। दूसरी दीवार से जोड़कर पानी की धारा मोड़ने की तैयारी की जा रही है।
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भाखड़ा डैम में रिसाव के बाद मिट्टी की दीवार की जा रही तैयार - फोटो : संवाद
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विस्तार
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भाखड़ा डैम के जलाशय में फूटे स्रोत से हो रहे रिसाव को रोकने के लिए नहर विभाग की जद्दोजहद शनिवार को भी युद्धस्तर पर जारी रही। चार जियो ट्यूब पानी के तेज बहाव में बहने के बाद विभाग ने अब जलाशय के अंदर ही मिट्टी का कच्चा बांध बनाकर पानी की धारा को मोड़ने की नई रणनीति अपनाई है।

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विभाग को इसमें बड़ी कामयाबी भी मिलती दिख रही है। नहर विभाग ने जेसीबी और पोकलेन मशीनों के जरिये जलाशय के अंदर ही करीब 40 मीटर लंबी व पांच मीटर ऊंची मिट्टी की दीवार खड़ी कर दी है। शनिवार को दिनभर श्रमिक तेज धूप और कीचड़ भरे जलाशय में मशीनों के साथ जूझते नजर आए।

एसडीओ नहर नंदलाल आर्य और जेई वीर सिंह ने बताया कि शनिवार को श्रमिकों ने कड़ी मशक्कत के बाद दीवार को करीब पांच मीटर ऊंचा करने में सफलता हासिल कर ली है। श्रमिकों का कहना है कि तेज धूप की वजह से पानी सूखने वाली जगह की मिट्टी टाइट हो गई है, जिससे दीवार बनाने में आसानी हो रही है।
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अधिकारियों के अनुसार यह दीवार पूरी होने के बाद स्रोत की तरफ से बनाई जा रही दूसरी 40 मीटर लंबी दीवार से इसे जोड़ दिया जाएगा। इसके बाद नदी के पानी को उत्तर दिशा में बाईं भाखड़ा नहर और भाखड़ा की मुख्य नदी में मोड़ दिया जाएगा। इससे स्रोत में पानी जाना पूरी तरह बंद हो जाएगा और उसके बाद स्रोत को हमेशा के लिए बंद करने का काम शुरू किया जाएगा।

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नए पुल के पिलर में आईं दरारें
भाखड़ा डैम पर करीब 16 साल पहले बना नया पुल भी अब खतरे की जद में आ गया है। पीडब्ल्यूडी के नैनीताल हाईवे पर बनाए गए इस पुल के एक पिलर में दरारें आने शुरू हो गई हैं, जिससे पुल पर खतरे के बादल मंडराने लगे हैं। पुल के एक छोर के पिलर के जोड़ पर ऊपर से नीचे तक लंबी दरार आ गई है और दीवार पर सीलन व रिसाव के निशान भी बन गए हैं।

लोगों का कहना है कि रामपुर से रुद्रपुर आने-जाने के लिए यह पुल प्रमुख मार्ग है। पुल से होकर रोजाना हजारों गाड़ियां रामपुर से रुद्रपुर और रुद्रपुर से रामपुर आती-जाती हैं। जबकि रोजाना इस पुल से तमाम स्कूलों की बसें गुजरती हैं और पहाड़ों पर जाने वाले पर्यटक भी इसी रोड से गुजरते हैं। ऐसे में अगर यह पुल टूट गया तो गंभीर हादसा हो सकता है, जिसका खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ सकता है।
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