भाकियू टिकैत के पदाधिकारी और कार्यकर्ता शनिवार रात करीब 12 बजे डींगरपुर चौकी पहुंचे। चौकी इंचार्ज पर कार्यकर्ता से मारपीट करने और हिरासत में लेने का आरोप लगा भाकियू कार्यकर्ता धरने पर बैठ गए। नारेबाजी कर प्रदर्शन करने लगे। रविवार तड़के तीन बजे पुलिस से मिले। आश्वासन और कार्यकर्ता को छोड़ने पर प्रदर्शन खत्म हुआ।
भारतीय किसान यूनियन टिकैत के कुंदरकी ब्लॉक अध्यक्ष प्रेमपाल सिंह ने बताया कि शनिवार रात करीब 10:30 बजे गांव डींगरपुर में दो वाहन चालकों में किसी बात को लेकर विवाद हो गया। गांव डींगरपुर निवासी भाकियू टिकैत के ग्राम उपाध्यक्ष मुजम्मिल हुसैन बीच बचाव करने गए। सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंची। आरोप है कि डींगरपुर चौकी इंचार्ज मुजम्मिल हुसैन को पकड़कर थाने ले गई। पुलिस ने मुजम्मिल हुसैन के साथ अभद्रता और मारपीट की। साथ ही पुलिस पर मुजम्मिल को हिरासत में लेने का भी आरोप है। वहीं पुलिस का कहना है कि विवाद में मुजम्मिल हुसैन भी शामिल था। इसलिए मुजम्मिल हुसैन को थाने लाया गया था।
जानकारी मिलने पर शनिवार रात करीब 12 बजे भाकियू टिकैत के पदाधिकारी और कार्यकर्ता डींगरपुर चौकी पर पहुंचे और मुजम्मिल हुसैन को हिरासत में लेने के विरोध में नारेबाजी कर प्रदर्शन करने लगे। सूचना पर मैनाठेर थाना के इंस्पेक्टर सर्वेंद्र कुमार पुलिस के साथ चौकी पर पहुंचे और भाकियू कार्यकर्ताओं को समझाने की कोशिश की, लेकिन कार्यकर्ता मुुजम्मिल हुसैन को छोड़ने की मांग पर अड़े रहे। वहीं रविवार तड़के करीब तीन बजे मुजम्मिल हुसैन की रिहाई के बाद भाकियू कार्यकर्ता शांत हुए। प्रदर्शन के दौरान तजम्मुल हुसैन, आशकार नंबरदार, रागिब चौधरी, रईस उर्फ खलील मौजूद रहे।