ठाकुरद्वारा। भाकियू तराई ने मंगलवार को यूपी में बिजली की दरों को बढ़ाने और निजीकरण के प्रस्ताव के विरोध में प्रदर्शन किया। यूनियन के कार्यकर्ता एसडीएम दफ्तर पर पहुंचे। उन्होंने वहां अपनी मांग के समर्थन में प्रदर्शन कर नारेबाजी की। उसके बाद मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम प्रीति सिंह को सोपा। ज्ञापन में कहा गया है कि विद्युत कंपनियां 19600 करोड़ का घाटा बता कर बिजली की दरें बढ़ा रही है। निजीकरण का प्रयास किया जा रहा है। जिसका असर उपभोक्ताओं पर पड़ेगा और महंगाई बढ़ेगी। यूनियन का कहना है कि 72000 करोड़ का विद्युत बकाया सरकार के सरकारी विभागों पर है। सरकार को अपने विभागों से वसूली कर घाटे को दूर करना चाहिए ना कि विद्युत दरों में वृद्धि की करनी चाहिए। उन्होंने मूल्य वृद्धि के साथ विद्युत के निजीकरण के प्रस्ताव का भी का भी विरोध किया। मुख्यमंत्री से विद्युत दरों को न बढ़ाने और बिजली का निजीकरण करने की मांग की गई है। प्रदर्शन में मोहम्मद हुसैन, शकील अहमद, निजामुद्दीन, कादिर चौधरी, शाहरुख हाजी आदि मौजूद रहे।