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Moradabad News: दरोगा बनने से पहले ही दौड़े, भीड़ से जूझे... लिखित परीक्षा के साथ ही दिए कई इम्तिहान

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मुरादाबाद। यूपी पुलिस में दरोगा की परीक्षा पास करने के बाद युवाओं को जिस तरह समय-समय पर शारीरिक दक्षता के अभ्यास से जूझना पड़ता है, उस जैसी कसरत तमाम अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र पहुंचने से लेकर घर लौटने तक के सफर में करनी पड़ गई। अपने गांव और जिले से परीक्षा केंद्र जाने के लिए पहले बस या ट्रेन में जगह पाने की जद्दोजहद, एक दिन पहले शहर में दाखिल होकर रात गुजारने के लिए सुरक्षित ठिकाना तलाशने की चुनौती और फिर शनिवार की सुबह अपने ठिकाने से निकलकर जाम का सामना करते हुए समय से सेंटर पर आने का संघर्ष कम चुनौतीपूर्ण नहीं था। कहीं अभ्यर्थी भीड़ से जूझते नजर आए तो कहीं दौड़ लगाते दिखे। इन सबके बीच दो घंटे की असल परीक्षा में कठिन सवालों से सामना हुआ। इन सवालों के नतीजे ही तय करेंगे कि भर्ती परीक्षा से पूर्व उनके यह इम्तिहान सफलता की किस डगर पर पहुंचा रहे हैं।
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दरोगा बनने का सपना युवाओं के बीच कितना बड़ा है, यह शनिवार सुबह परीक्षा केंद्रों पर उमड़ी भीड़ से स्पष्ट हो गया। यूपी ही नहीं दिल्ली व कुछ अन्य राज्यों के अभ्यर्थी भी इस परीक्षा में शामिल हुए। अभ्यर्थियों की बड़ी संख्या देखते हुए ही मुरादाबाद मंडल के सभी जनपदों में कई परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। हर केंद्र पर अभ्यर्थियों की कतारें दिखीं। ज्यादा संख्या के कारण ही शनिवार को दो पालियों में परीक्षा कराई गई, जबकि रविवार को भी यही प्रक्रिया दोहराई जाएगी। हर पाली में अलग-अलग अभ्यर्थियों की परीक्षा की व्यवस्था है।


दरोगा भर्ती परीक्षा में शामिल हो रहे युवक-युवतियों के लिए माकूल व्यवस्था के दावे हर सरकारी स्तर से किए गए थे। पुलिस और ट्रैफिक प्रबंधन टीम की तरफ से घोषणा थी कि परीक्षा छूटने पर अभ्यर्थियों का समूह निकलने पर जाम नहीं लगने देंगे लेकिन कई जिलों में परीक्षार्थी ही नहीं, आम लोगों को भी कुछ समय जाम से जूझना पड़ा। रेलवे और रोडवेज की तरफ से किया गया विशेष सेवाओं का इंतजाम उस समय छोटा नजर आया, जब अभ्यर्थियों की भीड़ रेलवे स्टेशन या बस स्टैंड पर पहुंची। स्टेशन और बस अड्डे पर काफी समय तक आपाधापी रही। ट्रेन और बस में जगह पाने के लिए अभ्यर्थी जूझते रहे। इस दौरान सामान्य मुसाफिरों को भी ट्रेनों-बसों में घुसना मुश्किल हो गया। रविवार को भी अभ्यर्थियों की बड़ी संख्या के कारण इसी तरह के हालात रहने के आसार है, हालांकि पुलिस और रेल अफसरों का दावा है कि पहले दिन की परीक्षा से अनुभव लेकर अगले दिन की व्यवस्था को और दुरुस्त किया जाएगा।
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