मुरादाबाद-लखनऊ रेल रूट पर रेलवे ने वंदे भारत एक्सप्रेस (ट्रेन-18) के ट्रायल की तैयारियां शुरू कर दी हैं। शाहजहांपुर, रोजा, हरदोई रेल सेक्शन में उत्तर रेलवे ने कॉशन के साथ डेंजर प्वाइंट चिह्नित करना शुरू कर दिए हैं। मुरादाबाद रेल मंडल के डिवीजनल सेफ्टी ऑफिसर की ओर से जारी सीआरओ प्वाइंट को इसी से जोड़कर देखा जा रहा है।
दरअसल, भारत में बनी बिना इंजन वाली पहली सेमी हाई स्पीड ट्रेन अलग-अलग रेल खंडों में ट्रायल के दौरान 180 किमी प्रति घंटा तक की रफ्तार पकड़ चुकी है। मुरादाबाद-लखनऊ के बीच करीब 340 किमी के रेल रूट की औसत रफ्तार सिर्फ 100 किमी प्रति घंटा की है। सेमी हाई स्पीड ट्रेन के ट्रायल से पहले रेल खंड में डेंजर प्वाइंट, कॉशन आदि को दुरुस्त करने का काम चालू हो गया है। इससे ट्रैक पर ट्रेन की औसत स्पीड बढ़ेगी।
मुरादाबाद-लखनऊ रेल रूट पर ज्यादातर पटरियों को बदलने का काम पूरा हो चुका है। ट्रेन का संचालन 15 फरवरी से दिल्ली-वाराणसी के बीच शुरू होना है। देश के विभिन्न हिस्सों में ट्रेन का सफल ट्रायल हो चुका है, लेकिन अब तक मुरादाबाद-लखनऊ रेल खंड पर ट्रायल नहीं हो सका है। मुरादाबाद-लखनऊ रेल रूट पर ट्रेन-18 के ट्रायल से पहले रेल रूट की औसत स्पीड बढ़ाने के साथ सुरक्षा-संरक्षा के बंदोबस्त होने बाकी हैं।
उत्तर रेलवे के मुरादाबाद, बरेली, शाहजहांपुर रेलखंड से रोज 200 से ज्यादा रेलगाड़ियां गुजरती हैं। कई रेलगाड़ियां शाहजहांपुर में लखनऊ-सीतापुर और मुरादाबाद में दिल्ली, सहारनपुर, देहरादून को बंट जाती हैं। व्यस्त रेल रूट होने की वजह से अब तक इस रूट पर ट्रेन-18 का ट्रायल नहीं हो सका है। रेलवे सूत्रों ने बताया कि 15 फरवरी से दिल्ली-वाराणसी के बीच ट्रेन का संचालन शुरू हो जाएगा। इसके बाद मुरादाबाद-लखनऊ रेल रूट पर इसका ट्रायल करने की तैयारी है।