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चुनावी सहालग में बराती हुए पैदल

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मुरादाबाद। चुनावी सहालग के बीच कहीं बराती न पैदल रह जाएं। कुछ ऐसी ही चिंता उन परिवारों को है, जिनके घरों में फरवरी माह में शादियां होनी हैं। दरअसल, फरवरी में शादियों के सीजन के बीच विधानसभा चुनाव हो रहे हैं। 10 फरवरी को पहले चरण के मतदान के दिन ही जबर्दस्त सहालग है। 14 फरवरी को होने वाले दूसरे चरण के मतदान से पहले भी सात दिन बड़ी सहालग हैं। उधर, चुनाव के लिए परिवहन विभाग को 1300 से अधिक छोटे बड़े वाहनों की जरूरत हैं। इसलिए विभाग ने वाहनों का अधिग्रहण शुरू कर दिया है।
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स्कूल कालेजों की बसें और अन्य छोटे बडे़ वाहन अधिग्रहीत कर लिए गए हैं। विभिन्न मार्गों पर चलने वाली 75 अनुबंधित बसें भी अधिग्रहीत कर ली गई हैं। इसके बावजूद पूर्ति नही हो पा रही है। ऐसे में शादी विवाह वाले परिवारों के सामने समस्या हो रही है। उन्हें बारातियों के लिए बसें नहीं मिल पा रही है। जिन्होंने पहले बुकिंग करा रखी है वे वाहन भी चुनाव के लिए अधिग्रहीत हो रहे हैं।
फरवरी का पूरा महीना शादियों का है। इस महीने में शादी के 11 बडे सहालग है। जिले में दूसरे चरण में 14 फरवरी को मतदान होना है लेकिन उससे पहले 10,11 और 12 फरवरी को ही जबर्दस्त साया है। हालांकि बरात ले जाने के लिए बहुत से लोगों ने पहले ही बसें आदि वाहन बुक कर लिए थे, लेकिन जिन्होंने वाहन बुक नहीं कराए थे उन्हें अब वाहन मिलने मुुश्किल हो रहे हैं। बुद्धि विहार निवासी अजीत गुप्ता ने बताया कि उनकी रिश्तेदारी में 12 फरवरी की शादी है। बरात मेरठ जानी है लेकिन वहां के लिए बस नहीं मिल रही। प्राइवेट बस वालों का कहना है कि 14 फरवरी के चुनाव के लिए परिवहन अधिकारियों ने अधिग्रहण कर लिया है। यही स्थिति बहुत से परिवारों की है। बताया जा रहा है कि कुछ ऐसे भी वाहन हैं जिन्होंने शादी के लिए बस और कार पहले ही बुक कर रखी है लेकिन अब उनके वाहन चुनाव में अधिग्रहीत हो गए हैं। ऐसे में ये वाहन संचालक और शादी वाले परिवार दोनों की मुुश्किल में हैं।
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मांग के अनुसार वाहनों की पूर्ति करने में छूट रहे पसीने
परिवहन विभाग के अनुसार चुनाव कराने के लिए मतदान कर्मियों के लिए 497 बड़े भारी वाहन जिनमें बसें आदि की जरूरत है, जबकि 100 छोटे वाहन कैंटर, डीसीएम आदि मांगे गए हैं। पुलिस प्रशासन ने भी फोर्स आदि के लिए 661 हल्के और 100 कैंटर आदि वाहनों की मांग की है। इन्हें जुटाने के लिए परिवहन विभाग के अधिकारियों को पसीने छूट रहे हैं। स्कूली वाहनों का अधिग्रहण करते हुए संचालकों को नोटिस भेजे गए हैं। इसी तरह निजी वाहनों को भी नोटिस भेजकर अधिग्रहण कर लिया गया है।
97 अनुबंधित बसें भी अधिग्रहीत
एआरटीओ कार्यालय के पीटीओ अनिल सिंह ने बताया कि निर्वाचन कार्य के लिए जिले के विभिन्न मार्गों पर चलने वाली 75 अनुबंधित बसें भी अधिग्रहीत कर ली गई हैं। इसके अलाव केंद्रीय सुरक्षा बलों को लाने ले जाने के लिए परिवहन निगम की बसें भी जरूरत के हिसाब से पुलिस प्रशासन लेगा। साफ है कि मतदान के दौरान बसों के अधिग्रहण से न केवल शादी-विवाह वाले परिवारों को परेशानी होगी बल्कि जिले की सड़कों पर बसों की कमी से समस्या हो सकती है। लोगों को रिश्तेदारी में शादी विवाह में जाने को भी वाहन नही मिलेंगे।
फरवरी में इन तिथियों में शादी के सहालग
5,6,7,9,10,11,12,18,19,20,22
निर्वाचन कार्य के लिए प्रशासन और पुलिस की मांग के अनुसार वाहनों की व्यवस्था की जा रही है। स्कूली वाहनों को अधिग्रहीत कर लिया गया है। अनुबंधित अधिग्रहीत की गई हैं। निजी वाहन भी लिए जा रहे हैं। वाहन संचालकों को भी इसमें सहयोग करना चाहिए और समय पर अपने वाहनों को उपलब्ध कराना चाहिए।
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अनिल कुमार सिंह, पीटीओ परिवहन विभाग
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