धरना प्रदर्शन करते बैंक कर्मचारी।
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मुरादाबाद। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर मंगलवार को दूसरे दिन भी बैंक कर्मचारियों का बैंकों के निजीकरण के विरोध में रामगंगा विहार स्थित पंजाब नेशनल बैंक के क्षेत्रीय कार्यालय पर धरना प्रदर्शन जारी रहा। प्रदर्शन में बैंकाें के निजीकरण के और बैड बैंक बनाने के प्रस्ताव को रद्द करने की मांग की। लगातार चार दिन की बंदी के आज बैंक खुलेंगे।
बैंक पिछले चार दिन से लगातार बंद हैं। 13 और चौदह मार्च को दूसरा शनिवार और रविवार को छुट्टी के चलते बैंक बंद थे। सोमवार और मंगलवार को यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर प्राइवेट बैंक कर्मचारियों को छोड़कर सभी सरकारी बैंकों के कर्मचारी निजीकरण के विरोध में धरना प्रदर्शन कर रहे थे। मंगलवार को धरने से पहले बैंक कर्मचारियों ने रामगंगा विहार स्थित पंजाब नेशनल बैंक से एक रैली निकाली। यह रैली अकबर के किले होते हुए वापस पंजाब नेशनल बैंक पहुंचकर खत्म हुई। हड़ताल के दूसरे दिन मंगलवार को पंजाब नेशनल बैंक के रामगंगा विहार स्थित क्षेत्रीय कार्यालय पर बैंक कर्मचारियों द्वारा विरोध प्रदर्शन किया गया। धरने को संबोधित करते हुए यूनियन के जिलाध्यक्ष जेपी सरन ने कहा कि सरकार द्वारा 2021-22 के बजट में घोषित दो बैंकों के निजीकरण और आईडीआईबी बैंक को एलआईसी में विलय करने और बैड बैंक बनाने के विरोध में पब्लिक सेक्टर बैंक कर्मचारी और अधिकारी हड़ताल पर रहे। जिला संयोजक संजय रस्तोगी ने कहा कि पब्लिक सेक्टर की वजह से सरकार अपनी योजनाओं को दबाव डालकर लागू कर रही है। इस दौरान नवनीत कुमार, एसपी सिंह, नवनीत राजवंशी, सुरभि शर्मा, संजीव मित्तल, धर्मराज, एसके पांडे, करन सिंह, वेदप्रकाश आदि मौजूद रहे।