अफवाह फैलाने वाले बैंकों को भी नहीं छोड़ रहे हैं। सोमवार को किसी ने ब्रांच मैनेजरों को आरबीआई की मुहर लगा फर्जी आदेश व्हाट्स एप पर सर्कुलेट कर दिया। इसमें करंट खाते में हजार और पांच सौ के नोट जमा नहीं करने के आदेश आए थे। आदेश मिलते ही कुछ शाखाओं में पैसा जमा करने पर रोक लगा दी गई। जिससे ग्राहकों में हड़कंप मच गया। काफी देर बाद पता चला कि आदेश फर्जी था।
इसके बाद मुख्य प्रबंधकों की ओर से आदेश के फर्जी बताकर रुपये जमा करने के निर्देश दिए। गुरुवार को बैंकों में कैश जमा करने और निकालने का काम चल रहा था। इसी दौरान अधिकांश बैंकों के शाखा प्रबंधकों को व्हाट्स एप मैसेज मिला। जिसमें आरबीआई के आदेश का हवाला दिया गया था।
तीस नवंबर को जारी हुए आदेश के अनुसार आरबीआई ने करंट अकाउंट में हजार और पांच सौ के नोट जमा करने के लिए निर्देश थे। आदेश मिलने के बाद कुछ बैंकों में रुपये जमा करना रोक दिया गया। लोगों ने सवाल पूछे तो जवाब दिया गया कि आरबीआई ने करंट अकाउंट में पैसा जमा करने से रोक लगा दी है।
शिकायत बैंक शाखाओं के क्षेत्रीय प्रबंधकों तक पहुंच गई। इसके बाद तुरंत आरबीआई के आदेश को वेबसाइट पर खंगाला गया तो वहां ऐसा कोई आदेश नहीं मिला। तत्काल सभी ब्रांच प्रबंधकों को करंट अकाउंट में हजार के नोट जमा करने के निर्देश दिए। तब सभी बैंकों में करंट अकाउंट में पैसा जमा करना शुरू कर दिया गया। एसबीआई के क्षेत्रीय प्रबंधक एमसी पांडेय ने बताया कि इस प्रकार के नोटिस की जानकारी मिली थी जो कि फर्जी निकली।
अफवाह
अब शादी के लिए नहीं मिलेंगे ढाई लाख
एसबीआई मुख्य ब्रांच के बाहर भी एक छोटा सा पर्चा चिपका दिया गया। इस पर आरबीआई की ओर से शादी के लिए दिए जाने वाले ढाई लाख रुपये की व्यवस्था वापस लने की जानकारी दी गई थी। लाइन में लगे लोगों ने जब ये निर्देश पढ़ा तो वे प्रबंधक के पास पहुंच गए।
उन्होंने बताया कि इस प्रकार कोई आदेश नहीं आया है और ना ही बैंक की ओर से ऐसा कोई नोटिस लगाया गया है। जब चेक कराया गया तो वहां पर्चा चिपका हुआ था जिसे प्रबंधक ने हटवा दिया।