हजार और पांच के पुराने नोट बदले जाने के मामले में हुई गड़बड़ी भी सामने आएंगी। छापा मार कार्रवाई में नए नोटों के पकड़े जान से नोट बदलने में धांधली सामने आने लगी है। जिन बैंक शाखाओं में लिमिट से ज्यादा पुराने नोट बदले गए थे वे शाखाएं भी निशाने पर आ गई हैं। बैंकों को ऐसी सभी शाखाओं का रिकार्ड बनाने के लिए कहा गया है जहां लिमिट से ज्यादा करेंसी बदली गई।
नोट बंदी के बाद हजार और पांच सौ के पुराने नोट को बैंकों में धीरे धीरे सीमा बढ़ाते हुए 24 नवंबर तक बदलने का मौका दिया गया था। 24 नवंबर से पुराने नोट बदलने की व्यवस्था कर दी गई। नोट बदलने के दौरान बैंकों पर आरोप भी लगे थे। जिसमें अपने जान पहचान वालों के लिमिट से ज्यादा नोट बदलने, कमीशन लेकर नोट बदले जाने की खबरें भी थीं। इन्हीं इनपुट के आधार पर आयकर विभाग और आईबी की टीम सक्रिय हुईं।
जगह जगह छापामारी में बड़ी संख्या में नए नोट पकड़े गए हैं। इन घटनाओं से साफ हो गया है कि नोट बदलने में धांधली हुई है। जिसके चलते वित्त मंत्रालय की ओर से बैंकों में जांच के लिए आदेश दिए गए हैं। उन ब्रांचों का भी रिकार्ड तैयार किया जाएगा जहां लिमिट से अधिक नोट बदले गए हैं।
मुरादाबाद में भी एक दर्जन से अधिक ब्रांच ऐसी हैं जिनमें लिमिट से अधिक नोट बदले गए हैं। एक अग्रणी बैंक के मुख्य प्रबंधक ने बताया कि इस मामले को लेकर इंटरनल जांच शुरू हो गई हैं। कई बैंक शाखाओं में एक व्यक्ति को चार हजार रुपये के बजाय अधिक के नोट बदलकर दिए थे। इसके अलावा कई ब्रांच ऐसी है जिन्होंने उपलब्ध करेंसी में खातों के बजाय 80 से 90 फीसदी तक नोट बदलने में दिखाई है। हालांकि बैंकों से सीसी कैमरे की फुटेज पहले ही मांगी जा चुकी है।