मुरादाबाद। चैत्र नवरात्र को देखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग ने खुले कुट्टू के आटे की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया है। विक्रेताओं को साबुत कुट्टू के विक्रय की सलाह देते हुए कहा है कि अपनी देखरेख में हुए बिना रसायन व पेस्टिसाइड वाले कुट्टू की ही बिक्री दुकानदार करेंगे। उन्होंने कहा कि खुले कुट्टू के आटे के प्रकाश के संपर्क में आने पर अफलाटॉक्सिन पैदा होते हैं जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होते हैं।
सहायक आयुक्त द्वितीय (खाद्य) राजवंश प्रकाश श्रीवास्तव ने बताया कि कोई भी दुकानदार कट्टू का खुला आटा नहीं बेचेगा। फंगसयुक्त खराब मूंगफली का भी विक्रय नहीं होगा। कूटू के आटे से व्यक्ति विशेष को संवेदनशीलता हो सकती है, इसलिए सर्वप्रथम 20 ग्राम कूटू का आटा सेवन कर जांच लें, सब कुछ सामान्य रहने पर ही इससे बने पकवानों का सेवन करें। कूटू के पकवानों के साथ दही, लस्सी या छाछ का प्रयोग करना चाहिए। साबुत कूटू खरीदकर धोकर सुखा लें, तब पीसकर सेवन करना ही सुरक्षित है। कहीं यदि गुणवत्ताविहीन खाद्य पदार्थो की बिक्री पाई जाए तो खाद्य विभाग को सूचित करें। यदि कहीं पर भी फूड पॉइज़निंग की सूचना मिले तो स्वास्थ्य विभाग की स्थानीय टीम निजी चिकित्सालयों में भी जाकर देखेंगी कि वास्तव में फूड पॉइजनिंग है या कोई अन्य समस्या है। किसी भी आकस्मिक घटना पर सहायक आयुक्त (खाद्य) को मोबाइल फोन नंबर 9454468399 पर संपर्क किया जा सकता है।