मुरादाबाद। खांसी-जुकाम-बुखार की दवाओं के 14 तरह के कांबिनेशन पर प्रतिबंध लगने के बाद दवा व्यापारी सतर्क हो गए हैं। इन दवाओं को धीरे-धीरे स्टॉक से हटाया जा रहा है। जिले में 200 से अधिक मेडिकल स्टोर संचालकों के पास इन दवाओं का करीब 70 करोड़ रुपये का स्टॉक है। इसे वापस करने के लिए डीलरों और कंपनियों से संपर्क किया जा रहा है।
10 से अधिक कंपनियां इस तरह के कांबिनेशन बनाती थीं। इन कंपनियों को आगाह कर दिया गया है कि अब मार्केट में स्टॉक न भिजवाएं। सभी कारोबारियों को भी दवाइयां हटाने के लिए 15 दिन का समय दिया गया है। इसके बाद यदि किसी विक्रेता पर स्टॉक पाया गया तो खाद्य सुरक्षा एवं औषधि विभाग उनके खिलाफ कार्रवाई कर सकता है। कारोबारियों का कहना है कि जेनरिक व ईथिकल मिलाकर जिले में करीब 70 करोड़ रुपये का स्टॉक है। इसमें टैबलेट से सीरप तक सब शामिल है। गोदाम में इन कॉम्बिनेशन को इतने कम समय में खोजने में विक्रेताओं को दिक्कत आ रही है। इसके लिए अलग स्टाफ लगाया गया है। विक्रेताओं का कहना है कि शहर में इन दवाओं की खपत कम है। जाने माने डॉक्टर इस तरह के कॉम्बिनेशन मरीजों को नहीं लिखते, जबकि गांव देहात में इनकी खपत काफी है।
फौरन आराम पहुंचाती हैं ये दवाएं, झोलाछाप कराते हैं इस्तेमाल
मेडिकल स्टोर संचालकों का कहना है कि इन कांबिनेशन, को डॉक्टर बहुत कम लिखते हैं। जबकि झोलाछाप इनका इस्तेमाल धड़ल्ले से करते हैं। ये दवाएं सिरदर्द, बुखार, खांसी व माइग्रेन आदि में फौरन राहत पहुंचाती हैं। ऐसे में लोगों को लगता है कि यह दवा अच्छी है। जबकि इनके इस्तेमाल से कई गंभीर नुकसान हो सकते हैं। शहर के कई छोटे मेडिकल स्टोर संचालक प्रतिबंध से पहले ही इन्हें नहीं रखते थे।
ये कांबिनेशन हैं प्रतिबंधित
प्रतिबंधित दवाओं में सामान्य संक्रमण जैसे सर्दी खांसी, कफ, बुखार को ठीक करने वाली निमोस्लाइड और पैरासिटामॉल टैबलेट के अलावा क्लोफेनिरामाइन मेलेट और कोडाइन सिरप का कांबिनेशन, फोल्कोडाइन और प्रोमेथाजाइन, एमोक्सोलिन और ब्रोहेक्साइन हैं। इनके अलावा ब्रोहेक्साइन और डेक्सट्रोमेथोरफैन और अमोनियम क्लोराइड और मेंथोल, पैरासिटामोल और ब्रोहेक्साइन और फेनाइलेफराइन और क्लोरफेनिरामाइन और गुइफेंसिन और सैलबुटामोल और ब्रोहेक्साइन के कांबिनेशन वाली दवा शामिल हैं।
वर्जन
जिले में करीब 70 करोड़ रुपये का स्टॉक इस तरह के कांबिनेशन का है। सभी दवा विक्रेता इस स्टॉक को हटाने और वापस करने में लगे हैं। स्टोर व गोदाम से छांटकर इन दवाओं को हटाने में काफी समय खर्च हो रहा है। ग्राहकों से भी अनुरोध है कि कांबिनेशन देखकर दवा खरीदें।
- साहित्य रस्तोगी, अध्यक्ष जिला ड्रगिस्ट एंड केमिस्ट एसोसिएशन