मुरादाबाद। मंडलीय शैक्षिक युवा क्रीड़ा समारोह में शिक्षा विभाग ने मंडल भर के स्कूलों के लगभग पांच सौ खिलाड़ियों को आमंत्रित कर लिया। जबकि उनके भोजन के लिए कोई प्रबंध नहीं किया। दोपहर के भोजन का समय होने पर खिलाड़ियों से कहा गया कि खाना चाहिए तो पेमेंट करना पड़ेगा। मुरादाबाद के खिलाड़ियों की भी यही स्थिति होने पर डीआईओएस डॉ. अरुण दुबे ने क्रीड़ा सचिव बंश बहादुर को फटकार लगाई। तब जाकर खिलाड़ियों के खाने का प्रबंध किया गया।
बृहस्पतिवार को पारकर इंटर कॉलेज में मंडल के पांचों जिलों के स्कूलों के खिलाड़ी जुटे थे। तीन दिवसीय खेलकूद कार्यक्रम में एथलेटिक्स की विभिन्न प्रतियोगिताएं होनी हैं। संभल, रामपुर, अमरोहा, बिजनौर और मुरादाबाद के खिलाड़ी सुबह 09 बजे से मैदान पर जुटने लगे थे। सुबह 11:30 बजे से खेलकूद प्रतियोगिताएं शुरू हुईं। इसके बाद दोपहर 2:30 बजे तक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करने वाले विद्यार्थियों और एनसीसी कैडेट्स को खाना वितरित किया गया। जबकि खिलाड़ियों के लिए कोई व्यवस्था नहीं थी। 500 से ज्यादा खिलाड़ी अपने अपने टीम मैनेजरों का मुंह ताक रहे थे।
मामला डीआईओएस को पता चला तो उन्होंने खिलाड़ियों के भोजन के प्रबंध की जानकारी मांगी। इस पर क्रीड़ा सचिव और आयोजक मंडल में शामिल प्रधानाचार्यों के पास कोई जवाब नहीं था। उन्होंने कई प्रधानाचार्यों और क्रीड़ा सचिव को फटकारा, कहा कि खिलाड़ियों के भोजन का प्रबंध करें। इसके बाद पंद्रह मिनट में ही सारी व्यवस्थाएं हो गईं। अन्यथा आयोजकों का कहना था कि खिलाड़ियों के खाने का प्रबंध विद्यालय करें। (संवाद)
मजबूरन ठेलों पर पहुंचे खिलाड़ी
शिक्षा विभाग की ओर से खाना न मिलने पर मजबूरन खिलाड़ी पारकर इंटर कॉलेज के बाहर लगे खाने के ठेलों पर पहुंचने लगे। उनका कहना था कि जोर की भूख लगी है, कब तक इंतजार करें। घर से रुपये लाए हैं, उससे कुछ खरीदकर खा लेंगे।
एंबुलेंस की व्यवस्था भी नहीं
मंडलीय खेलकूद के आयोजन में 500 से ज्यादा खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। इन खिलाड़ियों की सुरक्षा और आपातकालीन स्थिति के लिए मैदान में एंबुलेंस भी नहीं लगाई गई। गनीमत रही कि इसकी आवश्यकता भी नहीं पड़ी। आपातकालीन स्थिति के लिए मैदान पर रेड क्रास का एक छोटा सा शिविर लगा था। इसमें मरहम, एंटीसेप्टिक समेत प्राथमिक उपचार की मामूली व्यवस्थाएं थीं।
वर्जन
अलग अलग जिलों के खिलाड़ियों के लिए भोजन की व्यवस्था जिलों के डीआईओएस की है। मुरादाबाद के खिलाड़ियों को भोजन न मिलने की जानकारी मिली तो क्रीड़ा सचिव, आयोजक मंडल में शामिल प्रधानाचार्यों को निर्देशित किया गया। इसके बाद सभी खिलाड़ियों को भोजन उपलब्ध कराया गया।
- डॉ. अरुण दुबे, डीआईओएस मुरादाबाद