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Moradabad News: बाबू ने कर दिया 140 विद्यार्थियों का वजीफे का नुकसान, निलंबित

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गजरौला(अमरोहा)। हाईवे किनारे चल रहे बीएएमएस कॉलेज का बाबू ने अपने से जुड़े एक समाज विशेष चार विद्यार्थियों की उपस्थिति सही भेज दी, जबकि दूसरे समाज के 140 की उपस्थिति शून्य दिखाते हुए रिपोर्ट भेजी। लिहाजा वह विद्यार्थी छात्रवृत्ति पाने से वंचित रह गए। शिकायत डीएम ने जांच कराई तो बाबू कृत्य सामने आ गया। कॉलेज प्रबंधन ने उसे निलंबित कर जांच शुरू कर दी।
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कांकाठेर के निकट स्थित संजीवनी आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज की चार छात्राओं ने डीएम राजेश कुमार त्यागी से मिलकर उनको शिकायतीपत्र दिया था। पत्र में कहा था कि वह गजरौला में हाईवे किनारे स्थित बीएएमएस कॉलेज में पढ़ती हैं। कॉलेज के बाबू ने उन सहित 140 छात्र-छात्राओं की उपस्थिति शून्य दिखाते हुए समाज कल्याण विभाग को अपनी रिपोर्ट भेजी। छात्राओं ने यह भी आरोप लगाया कि उसने अपने समाज के चार विद्यार्थियों की कॉलेज में उपस्थिति शत प्रतिशत दिखाई। जिससे केवल उन्हीं विद्यार्थियों के खाते में छात्रवृत्ति आई है। बाबू की इस मानसिकता के चलते 140 विद्यार्थी छात्रवृत्ति पाने से वंचित रह गए हैं।
डीएम के निर्देश पर तत्कालीन बीडीओ विकास मित्तल ने एडीओ ( सहकारिता ) संदीप कुमार से मामले की जांच कराई। जांच में बाबू द्वारा उपस्थिति शून्य भेजे जाने की बात सामने आई। उधर बाबू द्वारा किया गया खेल सामने आने पर कॉलेज प्रबंधन ने न सिर्फ उसे डांट फटकार लगाई, बल्कि निलंबित कर उसकी जांच भी शुरू कर दी।
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डीएम द्वारा कराई गई जांच में हुआ खुलासा
छात्राओं की शिकायत को जिलाधिकारी राजेश कुमार त्यागी ने गंभीरता से लिया। उन्होंने गजरौला के प्रभारी बीडीओ को जांच के निर्देश दिए। बीडीओ ने एडीओ ( सहकारिता ) संदीप कुमार को मौके पर भेज जांच कराई। एक-एक विद्यार्थी से जानकारी ली। इस दौरान यह तथ्य सामने आया कि बाबू ने विद्यार्थियों के साथ बड़ा खेल किया है। उसने अपने समाज के चार छात्रों को छोड़ बाकी की उपस्थिति शून्य दिखाई।




दो विद्यार्थियों ने वापस कर दी छात्रवृत्ति
बीएएमएस कॉलेज में बाबू पर छात्र-छात्राओं की उपस्थिति शून्य भेजने का आरोप लगने व जांच शुरू होने पर कॉलेज प्रबंधन सक्रिय हुआ। उधर जिन दो विद्यार्थियों के खाते में छात्रवृत्ति आ गई, वह भी सकते में रह गए। उन्होंने अपने खाते में आई छात्रवृत्ति को निकाल कर इस्तेमाल नहीं किया बल्कि वापस करने में ही भलाई समझी। दोनों के खाते में 56600-56600 रुपये की छात्रवृत्ति आई थी।

कोट:
कॉलेज के बाबू द्वारा अपने समाज के चार विद्यार्थियों की उपस्थिति सही दर्शाने और बाकी 140 की शून्य दिखाने का मामला सामने आया है। जांच में इस तथ्य की पुष्टि हो गई है कि बाबू की वजह से विद्यार्थी छात्रवृत्ति पाने से वंचित रह गए हैं।
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-विकास मित्तल, पीसीएस अफसर एवं तत्कालीन प्रभारी बीडीओ गजरौला


काेट:
चार छात्राओं ने कॉलेज के बाबू की शिकायत की थी। जिसके बाद बाबू आकाश कुमार को निलंबित कर दिया गया है। उसकी जांच चल रही है।
-प्रशांत शर्मा, प्रबंधक संजीवनी आयुर्वेदिक मेडिकल काॅलेज कांकाठेर, गजरौला
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