सपा नेता और रामपुर संसदीय सीट से गठबंधन के प्रत्याशीआजम खां ने कहा है कि चुनाव अगर लोकतंत्र का महापर्व है तो फिर इतनी मायूसी क्यों है। सरकार चाहे किसी की भी आए, लोग इतने डरे हुए क्यों हैं। नतीजों को लेकर जो एग्जिट पोल आएं हैं उसको लेकर इतने परेशान क्यों हैं, चुनाव आयोग पर किसी को भरोसा क्यों नहीं है।
आजम खां बुधवार को सपा कार्यालय पर पत्रकारों से बात कर रह थे। उन्होंने कहा कि मतदान के जब ईवीएम सील होती है तो उस पर पीठासीन अधिकारी का दस्तख्त होता है, लेकिन जब मतगणना होती है तो वह अधिकारी मौजूद नहीं होता। ऐसे में कौन पहचान करेगा कि जिस मशीन से वोटों की गिनती की जा रही है वह वही मशीन है जो मतदान के बाद सील की गई थी।
उन्होंने कहा कि दस्तख्त स्कैन भी किये जा सकते हैं। लिहाजा अभी मतगणना नहीं हुई है, चुनाव आयोग ऐसी व्यवस्था करे कि वोटों की गिनती के समय मशीनों की पहचान की जा सके। उन्होंने कहा कि सभी राजनीतिक दलों और चुनाव आयोग को इस पर विचार करना चाहिए। चुनाव आयोग एक संवैधानिक संस्था है, लेकिन उसने अपना भरोसा खोया है। ऐसे में सिवाय मायूसी के क्या हो सकता है।
आजम खां ने कहा कि हमारे एजेंट्स और कार्यकर्ता चौकन्ने रहेंगे। जिला प्रशासन बेईमानी कराने के बारे में सोचे भी नहीं। उन्होंने कहा कि जब तक पहले राउंड की मतगणना संपन्न न हो जाए तब तक दूसरे राउंड की मशीनों को छुआ भी न जाए।