इससे पहले जेल के बाहर काफी संख्या में उनके समर्थक एकत्र हो गए थे, जिन्हें बाद में मायूस होना पड़ा। सपा नेता आजम खां को एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट कोर्ट ने 18 अक्तूबर 23 को उनके बेटे अब्दुल्ला आजम खां के दो जन्म प्रमाण पत्र के मामले में सात साल की सजा व पचास हजार रुपये जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई थी। कोर्ट ने इस मामले में सपा नेता आजम खां के बेटे अब्दुल्ला आजम व उनकी पत्नी डा. तजीन फात्मा को भी सात साल की सजा सुनाई थी।
कोर्ट ने तीनों को जेल भेज दिया था। आजम खां इस वक्त सीतापुर, अब्दुल्ला हरदोई और डॉ. तंजीन फात्मा रामपुर जेल में बंद हैं। 24 मई को इस मामले में हाईकोर्ट से तीनों को राहत मिल गई है। मंगलवार को उनकी रिहाई का परवाना जेल पहुंच गया। रिहाई का परवाना जेल पहुंचने की सूचना के बाद पुलिस बल अलर्ट हो गया। साथ ही डॉ. तजीन फात्मा के समर्थक भी जेल के बाहर पहुंच गए। जेल अधीक्षक प्रशांत मौर्य ने बताया कि रिहाई परवाना मिला है, लेकिन परवाने में तकनीकी खामी होने की वजह से मंगलवार को रिहाई नहीं हो सकी।