वहीं, जौहर यूनिवर्सिटी में भवन निर्माण के मामले में श्रम विभाग द्वारा निर्धारित एक फीसदी सेस अदा नहीं किए जाने की शिकायत भी भाजपा नेता आकाश सक्सेना ने की थी। उन्होंने कहा था कि यूनिवर्सिटी को कम से कम 20 करोड़ रुपये का सेस जमा करना चाहिए। इस संबंध में जांच के बाद श्रम विभाग के अधिकारियों ने 1.37 करोड़ रुपये का सेस निर्धारित किया था। सेस यूनिवर्सिटी की ओर से जमा नहीं कराया गया था। जिसके बाद आरसी (रिकवरी सर्टिफिकेट) जारी कर दी गई थी।
प्रशासन के पास यूनिवर्सिटी की प्रशासनिक बिल्डिंग को सील करने का आदेश था, लेकिन यूनिवर्सिटी के वीसी ने अनुरोध किया कि प्रशासनिक बिल्डिंग को सील करने से परीक्षा प्रभावित हो सकती है। इसके बाद प्रशासन साइंस ब्लाक की नव निर्मित दो बिल्डिंगों को सील कर दिया। इस दौरान यूनिवर्सिटी में अफरा-तफरी का माहौल रहा।
जिलाधिकारी आन्जनेय कुमार सिंह ने कहा कि राजस्व परिषद के आदेश के बाद जिला प्रशासन ने यूनिवर्सिटी की 104 बीघा जमीन पर अपना कब्जा ले लिया है। श्रम विभाग के सेस के मामले में प्रशासनिक भवन के बदले दो अनय बिल्डिंगों को सील कर दिया गया है। प्रशासन ने ऐसी कोई कार्रवाई नहीं की है, जिससे यूनिवर्सिटी के छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो या उनकी परीक्षा पर कोई असर पड़े।