19 जुलाई को शाहबाद के गदमर पट्टी गांव के पांच परिवारों के पांच बच्चों की ईंट भट्ठे के गड्ढे में जमा पानी मे डूबकर मौत हो गई थी। घटना के पांच दिन बाद रविवार को सपा नेता आजम खां मय काफिले के गदमर पट्टी गांव पहुंचे। मृत किशोर आकिल के घर पहुंचने के बाद आजम खां ने परिजनों से बातचीत करते हुए उनका ढांढस बंधाया। इस दौरान मृतक आकिल के पिता ने आपबीती बताना शुरू की। इसके बाद मृतक गुलशन उर्फ गुलाफ्शां, सना और अलीना उर्फ अल्शिफा के परिजन भी आकिल के घर पहुंच गए। पीड़ित परिवार के सभी लोगों ने रोते हुए पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए। रोते हुए परिजनों ने कहा कि जब उनके बच्चे डूब गए थे। तब पुलिस ने शवों को बिना दिखाए ही जिप्सी में डाल कर ले गए थे और उन्हें चेहरे तक नहीं देखने दिए थे।
परिजनों ने बताया इतना ही नहीं सीएचसी शाहबाद से ही पुलिस ने तुरंत उनके बच्चों के शवों को एक टेंपो में डाल कर रामपुर भेज दिए थे। आकिल के पिता ने आरोप लगाया कि वह अपने बेटे के शव के साथ जाने की गुहार लगा रहे थे। लेकिन पुलिस ने माही सुनी। जिस पर आजम खां ने ढांढस बांधते हुए कहा कि बच्चो को दुआ देने और जालिमों को बददुआ देने को कहा। आजम खान ने कहा कि हमारी सरकारों में ऐसा नही होता था। कहा कि किसी का बेटा गया, किसी की बेटी गई है, अब वक्त इंतजार करो। आपबीती सुनकर पुलिस पर तंज कसते हुए कहा कि पुलिस का रवैय्या गलत था। आजम खां ने कहा कि कोई जाकर वापस नही आता है, सब्र करो। उन्होंने कहा कि उन पर भी गमों का पहाड़ है। सैकड़ों मुकदमे है। उन्होंने भी सब्र किया। इस दौरान मृतकों के परिवार की महिलाओं ने आजम खां से लिपटकर रोना शुरू कर दिया।
जिस पर आजम खां ने महिलाओं के सर पर हाथ रखकर सब्र करने को कहा। इसके बाद आजम मृतक चंचल के परिवार से मिलने के लिए पहुंचे। चंचल के दादा और दादी बुरी तरह से रोने लगे। जिस पर आजम ने चंचल की दादी के सर पर हाथ रखकर सब्र करने को कहा। इसी दौरान आजम ने पुलिस द्वारा परिजानो को बच्चो के चेहरे न देखने वाली बात पर कहा कि पुलिस ज़्यादती कर रही। पुलिस हवाओं पर सवार है। उन्होंने पुलिस पर तंज कसते हुए कहा कि पुलिस ने ही उन्हें बकरी चोर, मुर्गी चोर, किताबों का डकैत बना दिया। आजम खां ने कहा कि पुलिस ने उन्हें और उनकी पत्नी को डकैत बना दिया। शराब की दुकान लूटने का मुकदमा दर्ज किया है।
तंज कसते हुए कहा कि उन्होंने और उनकी पत्नी ने शराब की दुकान लूटकर गल्ले से 16 हज़ार नो सौ रुपए लूटे थे। इसलिए पुलिस हवा पर सवार है। पुलिस के बारे में कुछ कहना ही, गलत रहेगा। आजम खां ने बिना नाम लिए कहा कि लोगों ने हिंदुस्तान-पाकिस्तान, हिन्दू-मुस्लिम करके देश को बर्बाद कर दिया। आजम ने कहा कि वह घटना वाले दिन ही आना चाहते थे। लेकिन उन पर एक मुकदमे में उन्हें दो साल की सजा दे दी गई थी। इसलिए वह उस दिन नहीं आ पाए थे। आजम खान ने परिवार के सारी बातों को सुनने के बाद और अपने ऊपर लगाए गए मुकदमों को लेकर कहा कि क्या यही रामराज्य का न्याय है। इन दौरान गांव की सड़कों से गुजरते हुए आजम को रास्ते खुदे हुए मिले। जर्जर रास्तों को देखकर तंज कसते हुए कहा कि सड़के सारी खोद दी गई। पानी ग्रामीणों को अब तक नही मिला है। इस मौके पर सैफनी चेयरमैंन फैजान खान मौजूद रहे।