बांग्लादेश से लौटे अजय ने जूली को व्हाट्सएप पर कॉल कर जानकारी दी है कि वह मुरादाबाद पहुंच चुका। इसके बाद उसका मोबाइल बंद हो गया। अजय का परिवार पहले ही मकान पर ताला लगाकर गायब है। बांग्लादेश से भारत लौटने तक अजय पुलिस के संपर्क में था। उसने कहा था कि वह सीधा थाने पहुंचकर पूरी जानकारी देगा।
बांग्लादेश से भेजी गईं अजय की लहूलुहान हालत की तस्वीरों के रहस्य से खुद जूली ने पर्दा उठा दिया। सरहद पार बैठी जूली ने कहा कि उसने ही अजय पर गैस चूल्हे के स्टैंड से हमला किया था। रसोई में अजय ने मेरा गला दबा दिया था। मैंने अपनी जान बचाने के लिए उसके सिर पर हमला कर दिया था। जिसमें वह घायल हो गया था।
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जूली ने कहा कि मैं अजय को नहीं भूली हूं। पहले की तरह ही वैध तरीके से भारत आऊंगी। जूली ने फोन पर हुई बातचीत में बताया कि उसका परिवार बांग्लादेश के गाजीपुर में रहता है। दो साल पहले फेसबुक के जरिए अजय से उसकी दोस्ती हुई थी। दोनों के बीच बातचीत होती थी।
अजय ने उससे कहा था कि वह उससे शादी करना चाहता है लेकिन उससे भारत आना होगा। मैं अगस्त 2022 में अपनी बेटी को लेकर अजय के घर पहुंच गई थी। जूली ने बताया कि वह वैध तरीके से ही भारत गई थी। उसने पासपोर्ट और वीजा बनवाया था। अजय के परिवार की मौजूदगी में मंदिर में शादी हुई थी।
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पहली बार वह 15 दिन अजय के घर रुकी थी। दोबारा वह करीब तीन माह रुकी थी। जूली ने अजय की मां पर उत्पीड़न का आरोप लगाया। उसका कहना है कि अजय की मां ने उसका एक बार गर्भपात भी कराया था। इसके बाद वह बांग्लादेश आ गई थी।
जूली ने बताया कि अब तीन माह पहले अजय का फोन आया और कहा कि उसके परिवार के लोग उसे तंग कर रहे हैं। खाना भी नहीं दे रहे हैं। अजय ने बांग्लादेश आने की जिद की। तब मैंने उसे बॉर्डर से अपने साथ लिया और अपने घर ले गई थी। इसके बाद से अजय गाजीपुर में ही रह रहा था।
कुछ दिन बाद ही अजय फिर से भारत वापस जाने की जिद करने लगा था जबकि परिवार के लोग कह रहे थे कि हम अजय को कुछ दिन समझ लें। इसके बाद जूली को साथ देंगे लेकिन अजय नहीं मान रहा था। एक दिन मैं रसोई में काम कर रही थी।
इसी दौरान अजय आ गया। यहां दोनों के बीच कहासुनी हो गई थी। तब अजय ने मेरा गला दबा दिया था। मैंने अपनी जान बचाने के लिए चूल्हे के स्टैंड से अजय के सिर पर हमला कर दिया था। जिसमें वह घायल हो गया था।
इसके बाद डॉक्टर बुलाकर उसका उपचार कराया था। जूही ने कहा कि हमारे यहां कोई भी बिना वीजा या पासपोर्ट के आ जाता है तो उसे बेवजह पुलिस परेशान नहीं करती है। पुलिस को बता दिया जाता है कि रिश्तेदारी में घूमने आया और कुछ दिन रुकने के बाद चला जाएगा।
जूली को फोन कर अजय ने कहा, मैं मुरादाबाद पहुंच गया
उधर, बांग्लादेश से लौटे अजय ने जूली को व्हाट्सएप पर कॉल कर जानकारी दी है कि वह मुरादाबाद पहुंच चुका। इसके बाद उसका मोबाइल बंद हो गया। अजय का परिवार पहले ही मकान पर ताला लगाकर गायब है। बांग्लादेश से भारत लौटने तक अजय पुलिस के संपर्क में था। उसने कहा था कि वह सीधा थाने पहुंचकर पूरी जानकारी देगा। पुलिस अजय और उसके परिवार की तलाश में जुटी है।
सिविल लाइंस के गौतम नगर नया गांव में किराये के मकान में परिवार के साथ रहने वाले टैक्सी चालक अजय सैनी और बांग्लादेश के ढाका स्थित गाजीपुर निवासी जूली के बीच दो साल पहले फेसबुक के जरिए दोस्ती हुई थी। इसके बाद दोनों के बीच फोन पर ही लंबी बातें होने लगीं। एक साल पहले जूली अपनी बेटी हलीमा को लेकर अजय के घर आ गई थी। यहां आकर जूली ने मुस्लिम धर्म छोड़कर हिंदू धर्म अपना लिया था। इसके बाद मंदिर में शादी कर ली।
15 दिन बाद जूली बांग्लादेश चली गई थी। कुछ दिन बाद ही जूली फिर यहां आ गई। तीन माह पहले अजय को अपने साथ ले गई थी। इसके बाद से अजय जूली के घर बांग्लादेश के गाजीपुर में रह रहा था। मंगलवार शाम अजय जूही के घर से निकल चुका था।बांग्लादेश से पश्चिम बंगाल में दाखिल हुआ। शुक्रवार को अजय व्हाट्सएप पर जूली को कॉल की।
उसे उसे बताया कि वह मुरादाबाद पहुंच गया है। जूली ने ये भी दावा किया है कि वह अपनी मां और भाई को साथ है। उसने फोटो भी भेजा है। उधार पुलिस का कहना है कि अजय के मुरादाबाद पहुंचने की कोई जानकारी नहीं है। उसकी मां और भाई भी मोबाइल बंद कर गायब हैं। सीओ अर्पित कपूर ने बताया कि अजय से कोई संपर्क नहीं हो पाया है।