इन भवनों में मिलीं कमियां
शैक्षणिक भवन, प्रशासनिक ब्लॉक, मेडिकल कॉलेज, पुस्तकालय, छात्र-छात्रा छात्रावास, आवासीय परिसर और ऑडिटोरियम सहित विश्वविद्यालय के 22 ब्लॉकों की जांच की गई। जांच में अधिकांश भवनों में भारतीय मानक ब्यूरो तथा अग्निशमन एवं आपात सेवा अधिनियम के अनुरूप अग्नि सुरक्षा प्रबंध अधूरे मिले।
आपातकालीन निकासी की व्यवस्था भी नहीं मिली
यूनिवर्सिटी परिसर के कई स्थानों पर अग्निशामक यंत्रों की संख्या निर्धारित मानकों से कम पाई गई। कई भवनों में आपातकालीन निकास, सीढ़ियों की चौड़ाई और अन्य सुरक्षा इंतजाम भी मानक के अनुरूप नहीं मिले। आवासीय ब्लॉकों में अग्निशमन व्यवस्थाएं बेहद कमजोर मिलीं, जबकि ऑडिटोरियम की होजरील प्रणाली बंद हालत में पाई गई।
पिछले दिनों जौहर विश्वविद्यालय में अग्नि सुरक्षा ऑडिट किया गया था, जिसमें तमाम कमियां मिली थीं। इस पर नोटिस जारी कर सात दिन के भीतर भवनों के अभिलेख मांगे गए हैं। यदि निर्धारित अवधि में अभिलेख उपलब्ध नहीं कराए गए या नोटिस में दिए गए निर्देशों का पालन नहीं किया गया, तो उत्तर प्रदेश अग्निशमन एवं आपात सेवा अधिनियम-2022 और नियमावली-2024 के तहत विश्वविद्यालय प्रबंधन के विरुद्ध नियमानुसार विधिक कार्रवाई की जाएगी। -विजय कुमार सिंह, मुख्य अग्निशमन अधिकारी
आरडीए भी दे चुका है नोटिस
पिछले माह रामपुर विकास प्राधिकरण की टीम ने 38 भवनों के स्वीकृत मानचित्र प्रस्तुत न किए जाने पर जौहर यूनिवर्सिटी को नोटिस जारी किया था। इसका जवाब अभी यूनिवर्सिटी की ओर से नहीं आया है। प्रशासन ने इस मामले में हाईकोर्ट में कैविएट भी दाखिल की है, ताकि यदि यूनिवर्सिटी हाईकोर्ट की शरण ले तो प्रशासन का पक्ष भी सुना जा सके।