फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आजम की सिपहसालारों से मुलाकात पर शासन की निगाहें

विज्ञापन
विज्ञापन
मुरादाबाद (उमेश शर्मा)। सीतापुर जेल से रामपुर में पेशी पर आए सपा सांसद और पूर्व मंत्री आजम खां ने कचहरी में अपने करीबी माने जाने वाले चुनिंदा सपा नेताओं से मुलाकात की। आंदोलन के अंदेशे में शासन उनकी इस मुलाकात के मायने टटोल रहा है। मंडल में सपा के तीन सांसद, एक राज्यसभा सांसद और 11 विधायक हैं, लेकिन आजम से मुलाकात करने वालों में सिर्फ उनके खेमे के नेता थे। ऐसे में सियासी हलकों में भी इस मुलाकात के अलग तरह से मायने निकाले जा रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस के एक बड़े नेता ने भी इस बीच आजम की खैरियत पूछकर सियासी हलचल बढ़ा दी है।
विज्ञापन

रामपुर कचहरी में पेशी के दौरान शनिवार को आजम खां से जो नेता मिलने पहुंचे उनमें मुरादाबाद के सांसद डॉ एसटी हसन, बिलारी के विधायक मोहम्मद फहीम, यूसुफ मलिक, डीपी यादव संभल से फिरोज खां, हकीम लुकमान, बिजनौर से रुचि वीरा, रामपुर से विधायक नसीर खां और एक जिला पंचायत सदस्य शामिल थे। ये सभी नेता आजम खां के करीबियों में शुमार होते हैं। एसटी हसन का टिकट आजम के वीटो इस्तेमाल करने बाद ही हुआ था। मोहम्मद फहीम को भी आजम के कृपा पात्रों में गिना जाता है।
विधायक फहीम ने बताया कि आजम खां, उनकी पत्नी और बेटे को देखकर पूर्व विधायक रुचि वीरा भावुक हुईं तो आजम खां ने उनसे कहा कि भरोसा रखें सब ठीक हो जाएगा। उन्हें अदालत पर पूरा भरोसा है। यूसुफ मलिक ने बताया कि आजम ने सपा नेताओं से कहा कि गुस्से में कुछ ऐसा नहीं करें जिससे आगे जाकर दिक्कत हो। फिलहाल सिर्फ जमानत पर ध्यान देना है। यूसुफ ने बताया कि सपा जो करे वो करे लेकिन वह लोग अभी किसी तरह के ज्ञापन या प्रदर्शन के चक्कर में नहीं पड़ेंगे। आजम की अपने सिपहसालारों से इस मुलाकात के खास मायने इस लिए भी निकाले जा रहे हैं क्योंकि सपा के कई दूसरे बड़े नेताओं ने मंडल में होने के वाबजूद आजम से दूरी बनाए रखी। इस बाबत पूछने पर एक सपा विधायक ने कहा कि 12 मार्च को आजम की मुरादाबाद में ही तारीख है इसलिए वह रामपुर या सीतापुर नहीं गए।
विज्ञापन

उधर आजम की पेशी के दौरान सपा नेताओं से उनकी मुलाकात को लेकर शासन ने भी रिपोर्ट तलब की है। माना जा रहा है कि कुछ पुलिस अधिकारियों की ढील की वजह से आजम अपने सिपहसालारों से मिल सके। इस मामले में कुछ पुलिस वालों पर कार्रवाई भी हो सकती है। उधर सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस के बड़े नेता ने भी इस दौरान आजम खां की खैरियत पूछी है। जिसके सियासी मायने निकाले जा रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें