इस मामले में आजम खां, उनके बेटे अब्दुल्ला आजम समेत नौ लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया गया था। इस केस की सुनवाई एमएलए एमपी स्पेशल मजिस्ट्रेट कोर्ट स्मिता गोस्वामी की अदालत में चल रही है। बृहस्पतिवार को इस मामले में कोर्ट में सुनवाई थी। आजम खां और अब्दुल्ला आजम के कोर्ट में पेश होने की सूचना पर कचहरी परिसर में सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए थे। सिविल लाइंस थाना प्रभारी गजेंद्र सिंह फोर्स के साथ कचहरी में मौजूद रहे।
दोपहर एक बजे आजम खां अपने बेटे व स्वार विधायक अब्दुल्ला आजम के साथ कोर्ट पहुंचे और हाजिर हुए। आजम खान, अब्दुल्ला के अलावा राजेश यादव, नईम ऊल हसन, मनोज पारस, महबूब अली भी अपने बचाव में बयान देने के लिए हाजिर हुए। सपा नेता राजकुमार के हाजिर नहीं होने के कारण अन्य आरोपियों के भी बयान दर्ज नहीं हो पाए। सपा के पूर्व महानगर अध्यक्ष की ओर से स्थगन प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया। इकराम कुरैशी के गैर हाजिर होने की वजह से बयान दर्ज नहीं हो सके।
जन्म से अंधा नहीं हालात ने बना दिया अंधा : आजम खान
सपा नेता आजम खान ने कोर्ट से बाहर आकर कहा कि वह जन्म से अंधे नहीं हैं। आज के हालात ने उन्हें अंधा बना दिया है। बुलडोजर चलाने और कांवड़ियों पर पुष्प वर्षा के बयान पर उन्होंने कहा कि लुलु मॉल में नमाज पढ़ने वाले भी भाजपा के लोग थे और हनुमान चालीसा का पाठ करने वाले भी भाजपा के लोग थे। ये लोग जनता को आपस में लड़ा कर तमाशा देखने का अवसर ढूंढते हैं। सुभासपा अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर के सवाल पर उन्होंने कहा कि उनके लिए अब सपा मे कोई जगह नहीं है। जो गया वो वापस नहीं आता।