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छजलैट प्रकरण : कोर्ट में हाजिर हुए आजम खान और अब्दुल्ला आजम, बयान नहीं हुए दर्ज

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मुरादाबाद। छजलैट के 14 साल पुराने हाईवे जाम और बवाल मामले में रामपुर के सपा विधायक आजम खां और उनके बेटे विधायक अब्दुल्ला आजम बृहस्पतिवार दोपहर एमपी-एमएलए स्पेशल मजिस्ट्रेट कोर्ट स्मिता गोस्वामी की अदालत में पेश हुए। इस केस में आरोपी सपा के पूर्व महानगर अध्यक्ष राजकुमार प्रजापति कोर्ट में हाजिर नहीं हुए। जिस कारण आजम खां और अब्दुल्ला आजम समेत अन्य आरोपियों के भी बयान दर्ज नहीं हो पाए। अब इस मामले में पांच अगस्त को सुनवाई होगी।
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छजलैट थाने के सामने 29 जनवरी 2008 को सपा विधायक एवं पूर्व मंत्री आजम खां की गाड़ी रोक कर पुलिस ने चेकिंग की थी। आरोप है कि चेकिंग के विरोध में आजम खां सड़क पर बैठ गए थे और हंगामा किया था। आस पड़ोस के जनपदों से भी सपा नेता उनके समर्थक में आ गए थे। इस मामले में आजम खां, उनके बेटे अब्दुल्ला आजम समेत नौ लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया गया था। इस केस की सुनवाई एमएलए एमपी स्पेशल मजिस्ट्रेट कोर्ट स्मिता गोस्वामी की अदालत में चल रही है। बृहस्पतिवार को इस मामले में कोर्ट में सुनवाई थी।
आजम खां और अब्दुल्ला आजम के कोर्ट में पेश होने की सूचना मिलने पर कचहरी परिसर में सुरक्षा बढ़ा दी गई थी। दोपहर करीब एक बजे रामपुर के सपा विधायक आजम खां, उनके बेटे टांडा, स्वार के सपा विधायक अब्दुल्ला आजम, नूरपुर के पूर्व विधायक नईमउलहसन, नगीना के पूर्व विधायक मनोज पारस, अमरोहा के सपा विधायक एवं पूर्व मंत्री महबूब अली, मुरादाबाद देहात के पूर्व विधायक हाजी इकराम कुरैशी, सपा जिला अध्यक्ष डीपी यादव, राजेश यादव भी अपने बचाव में बयान देने के लिए हाजिर हुए लेकिन सपा के पूर्व महानगर अध्यक्ष राजकुमार प्रजापति कोर्ट में हाजिर नहीं हुए। उनकी ओर से स्थगन प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया। साथ ही अधिवक्ताओं की हड़ताल के कारण कार्यवाही नहीं हो सकी।
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विशेष लोक अभियोजक मोहन लाल विश्नोई ने बताया कि इस मामले में पूर्व विधायक नईमउल हसन की ओर से भी एक प्रार्थनापत्र प्रस्तुत किया गया है, जिसमें कहा गया है कि उनकी ओर से अब तक वादी पक्ष के गवाहों से जिरह नहीं हुई थी। जिसका प्रार्थनापत्र अदालत में पिछली तिथि पर दाखिल किया गया था, जो खारिज कर दिया गया था। अदालत के आदेश के खिलाफ वादी पक्ष के गवाहों से जिरह करने के लिए रिवीजन जिला जज की अदालत में दाखिल किया गया है। जिसके निस्तारण तक कार्यवाही नहीं की जाए। जिसमें चार अगस्त सुनवाई के लिए लगाई गई है। एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट ने सुनवाई के लिए पांच अगस्त लगा दी है।
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