मुरादाबाद में कचहरी में हत्या के शिकार हुए पूर्व ब्लॉक प्रमुख की बेटी आयुषी दूसरी कोशिश में डीएसपी बन गई हैं। परिवार में खुशी का माहौल है। आयुषी सिंह ने दिल्ली में रहकर सिविल सर्विस की तैयारी की।
करीब आठ साल पहले भरी कचहरी में गोलियों से भूनकर मौत के घाट उतारे गए डिलारी के पूर्व ब्लॉक प्रमुख योगेंद्र सिंह उर्फ भूरा की बेटी आयुषी सिंह डीएसपी बन गईं। उन्होंने दूसरे प्रयास में सफलता हासिल कर अपने पिता का सपना पूरा किया। आयुषी का कहना है कि वह यूपीएससी उत्तीर्ण करने के लिए मेहनत और संघर्ष करती रहेंगी।
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मूलरूप से भोजपुर के हिमायूंपुर गांव निवासी पूर्व ब्लॉक योगेंद्र सिंह उर्फ भूरा का परिवार आशियाना कॉलोनी में रहता है। वर्तमान में भूरा की पत्नी पूनम सिंह डिलारी ब्लॉक की प्रमुख हैं।
बड़ी बेटी आयुषी सिंह ने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक करने के बाद पॉलिटिकल साइंस में मास्टर डिग्री हासिल की है। इसके अलावा यूजीसी नेट उत्तीर्ण हैं। आयुषी सिंह ने दिल्ली में रहकर सिविल सर्विस की तैयारी की। उन्होंने दूसरे प्रयास में ही यूपी पीसीएस के परिणाम में जगह बना ली।
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आयुषी सिंह ने डिप्टी एसपी की रैंक हासिल की है। बेटी की सफलता पर मां पूनम सिंह, भाई आदित्य सिंह और तहेरे भाई नवीन चौधरी ने खुशी जताते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं। आयुषी का छोटा भाई आईआईटी दिल्ली से एमटेक कर रहा है।
24 फरवरी 2015 में की गई थी पिता की हत्या
हिंदू कॉलेज के छात्र नेता रिंकू चौधरी की सिविल लाइंस क्षेत्र में चार मार्च 2013 को हत्या कर दी गई थी। इस मामले में उस वक्त के डिलारी ब्लॉक प्रमुख भूरा को नामजद किया गया था। भूरा ने 20 जनवरी 2014 में कोर्ट में सरेंडर कर दिया था। एक अन्य मामले में 24 फरवरी 2015 को भूरा की कोर्ट में पेश हुई थी। एसीजेएम दो कोर्ट के दरवाजे के सामने बेंच पर बैठे भूरा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
अपराधियों पर कसेंगीं नकेल, महिलाओं को देंगीं सुरक्षा का माहौल
आयुषी सिंह का कहना है कि अभी पहली सफलता हासिल की है। आईपीएस अफसर बनने तक प्रयास और संघर्ष जारी रहेगा। उनका कहना है कि वह ट्रेनिंग करने के बाद जहां भी तैनाती मिलेगी, वहां अपराध और अपराधियों पर नकेल कसेंगीं। महिलाओं के लिए ऐसा माहौल तैयार करेंगी, जिससे महिलाएं खुद को सुरक्षित महसूस कर सकें।
पिता की हत्या के वक्त 11वीं में पढ़ रही थीं आयुषी
आयुषी सिंह का कहना है कि पिता का सपना था कि मैं पढ़ लिखकर अफसर बनूं। इसके लिए उन्होंने बचपन से ही मुझे अच्छी शिक्षा दी। जब मेरे पिता की हत्या की गई थी, उस वक्त में 11वीं कक्षा में पढ़ रही थी। पिता को याद कर भावुक आयुषी बोलीं, मैंने पिता के सपने को पूरा करने के लिए दिन रात मेहनत की है। मेरे परिवार ने मेरा साथ दिया। मुरादाबाद के केसीएम स्कूल से 12वीं उत्तीर्ण करने के बाद दिल्ली विश्वविद्यालय में दाखिल लिया। इसके अलावा रोहित सर ने अच्छी तैयारी कराई। जिसका परिणाम आज सामने है।