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जिले जे जे ल में प्राधिकरण ने बंदियों को किया जागरूक

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मुरादाबाद। विधिक सेवा प्राधिकरण ने एक संस्था के माध्यम से बंदियों को उनके हक के बारे में जानकारी दी। भरोसा दिलाया कि गरीब बंदियों की मदद के लिए अधिवक्ता भी उपलब्ध कराए जाएंगे।
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सामाजिक संस्था नालसा विचाराधीन बंदियों और दोष सिद्ध कैदियों के लिए एक माह से अभियान चला रही है। अभियान के समापन पर जिला जज डॉ. अजय कुमार के निर्देशन में कारागार में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने विधिक जागरूकता शिविर लगाया। प्राधिकरण के सचिव सचिन कुमार दीक्षित ने कारागार में निरुद्ध बंदियों को विधिक जानकारी दी। बताया कि हक हमारा भी तो है, अभियान के तहत जेल के बंदियों के अलावा संप्रेषण गृह में विधि से संघर्षरत किशोरों को उनके प्रकरण की जानकारी दी गई है। उनके अधिवक्ता और परिजनों से भी संपर्क किया जा रहा है। आर्थिक रुप से कमजोर बंदियों के लिए पैनल के अधिवक्ता और पैरालीगल वॉलेन्टियर्स की टीमों का गठन किया गया है। टीमें पूरा विवरण जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यालय में जमा करेंगी। उन्होंने कैदियों से कारागार में सद्विचारों के साथ आत्म मूल्यांकन करने की सलाह दी। जिससे कैदी और बंदी बाहर निकलने पर समाज की मुख्य धारा में शामिल हो सके। अपर सिविल जज जूनियर डिविजन अर्चना सिंह ने कहा कि नि:शुल्क विधिक सहायता के लिए कारागार अधीक्षक के माध्यम से एक प्रार्थना पत्र प्राधिकरण को भेजकर बंदी सहायता प्राप्त कर सकते हैं। अपर सिविल जज जूनियर डिविजन सुभांगी गुप्ता ने बताया कि सात साल से कम सजा के बंदी कुछ समय कारागार में व्यतीत कर चुके हैं। वो जुर्म इकबाल का प्रार्थना पत्र देकर सुलह के माध्यम से केसों का अंतिम रूप से निस्तारण करा सकते हैं। जेल अधीक्षक वीरेश राज शर्मा और जेलर मृत्युंजय पांडेय ने बंदियों को उनके कर्तव्यों के बारे में जानकारी दी। इस अवसर पर डिप्टी जेलर राजेश, प्रवीण, अन्विता श्रीवास्तव, प्रवीण आदि उपस्थित रहे।
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