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अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति परीक्षा देने उमड़े मेधावी

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मुरादाबाद के आईएफटीएम यूनिवर्सिटी से अमर उजाला फाउंडेशन अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्रि की परीक्षा
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मुरादाबाद। मुरादाबाद के आईएफटीएम विश्वविद्यालय में आयोजित की गई अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति परीक्षा देने के लिए बड़ी संख्या में विद्यार्थी उमड़ पड़े। विद्यार्थी अपने परिजनों के साथ सुबह सात बजे से ही एकत्र होने लगे थे। लाइनों में लगकर परीक्षा कक्ष में पहुंचे। विद्यार्थियों के जोश और उत्साह का आलम यह रहा कि देरी की स्थिति में दौड़ते हुए वे परीक्षा कक्षों में पहुंचे।
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छात्रवृत्ति परीक्षा में शामिल होने के लिए कक्षा नौ, दस, ग्यारह और बारहवीं के छात्र-छात्राओं ने भागीदारी की। केंद्र पर 2403 विद्यार्थियों ने पंजीकरण कराया था। सुबह 11 बजे से प्रस्तावित परीक्षा में शामिल होने के लिए छात्र-छात्राएं अपने अभिभावकों के साथ सुबह सात बजे से ही विश्वविद्यालय पहुंचने लगे थे। विद्यार्थियों की सुविधा के लिए जगह-जगह नोटिस बोर्ड पर उनके अनुक्रमांक के हिसाब से परीक्षा कक्ष संख्या लिखी हुई थी। फिर भी विद्यार्थियों को कोई परेशानी न हो, इसके लिए कदम-कदम पर विश्वविद्यालय का स्टाफ हर समय मौजूद रहा। उन्होंने नोटिस बोर्ड में उनका रोल नंबर ढूंढकर परीक्षा कक्षों तक पहुंचाया। इसके अलावा उनके सामान की भी पूरी देखरेख की। सुबह साढ़े दस बजे से विद्यार्थियों के कक्ष में बैठ जाने के बाद प्रवेश पत्र की जांच की गई और विद्यार्थियों को ओएमआर एवं प्रश्नपत्र वितरित किए गए। बुकलेट पर अनुक्रमांक व अन्य विवरण भरने के लिए अतिरिक्त समय दिया गया था। विद्यार्थी जितनी देर परीक्षा में व्यस्त रहे, उनका इंतजार कर रहे परिजनों के बैठने के लिए व्यवस्था की गई थी। विद्यार्थी ही नहीं, उनके अभिभावक भी परीक्षा के लिए उत्साहित दिखे। विद्यार्थियों ने कहा कि उन्हें परीक्षा फार्म भरने के लिए अभिभावकों ने प्रेरित किया था।
आर्थिक रूप से कमजोर होनहारों के सपने होंगे पूरे
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एमपी पांडे ने कहा कि इस परीक्षा के माध्यम से छात्रों को आगे बढ़ने का अवसर मिला है। छात्र इसे लेकर बेहद उत्साहित रहते हैं। इस तरह की परीक्षा आयोजन बेहद जरूरी है। प्रति कुलपति और केंद्र अध्यक्ष प्रो. राहुल मिश्रा ने बताया कि अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति परीक्षा राष्ट्रीय स्तर पर कई वर्षों से संचालित हो रही है। इसका मकसद मेधावी और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के परिवारों के बच्चों की पढ़ाई को बढ़ावा देना है। विद्यार्थी पढ़ लिख कर सपनों को साकार करना चाहते हैं और सफलता के इस रास्ते में यदि आर्थिक परेशानी अड़चन बन रही है तो ऐसे विद्यार्थियों के सपनों को साकार करने में छात्रवृत्ति जरिया बनेगी। इस दौरान प्रो. निखिल रस्तोगी, प्रो. विकास गुप्ता, प्रो. इंतजार मेहंदी, प्रो. वैभव त्रिवेदी, प्रो. बीके सिंह, डॉ. तंजील अहमद, डॉ. अरविंद शुक्ला, ललित जोहरी, सचिन सक्सेना, डॉ. कृष्णा कुमार, जितेंद्र जिंदल, मनीष रंजन पांडेय आदि मौजूद रहे।
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शारीरिक अक्षमता को दे रही हौसलों से मात
परीक्षा देने आई सोनम शर्मा बचपन से ही दिव्यांग हैं। उन्होंने कहा कि गिर जाने की वजह से पैर खराब हो गया था। कहती हैं कि अभी कक्षा 11 की छात्रा हूं, लेकिन भविष्य में नौकरी कर आत्मनिर्भर बनने का ही सपना है। इसलिए पढ़ने में बहुत मेहनत कर रही हूं। छात्रवृत्ति मुझे पढ़ने में मदद करेगी। वहीं, संभल से बहन शीतल को परीक्षा दिलवाने आई मोनिका खुद बीफार्म कर चुकी हैं। लंबाई कम होने के बावजूद हौसले बहुत ऊंचे हैं। कहा कि बहन को आईएएस बनना है। पापा पेंटर हैं। उसे कोचिंग करवानी है। आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों का भविष्य उज्ज्वल करने में बहुत मदद मिलेगी।
क्या बोले विद्यार्थी
सौ प्रश्न आए थे। इसमें से 80 प्रश्न हल कर दिए। पापा किसान हैं। मेरा सपना इस परीक्षा को उत्तीर्ण करना है, ताकि बीटेक में प्रवेश लेकर पढ़ाई कर सकूं।
राजू यादव, छात्र।
पेपर बहुत अच्छा हुआ है। 25 दिन से परीक्षा की तगड़ी तैयारी कर रहा था। बिजनेस मैन बनने का सपना है। यदि छात्रवृत्ति मिलेगी तो एमबीए की पढ़ाई करनी है।
मोहम्मद तौफीक, छात्र।
कई महीनों से परीक्षा की तैयारी कर रही थी। इंटरमीडिएट में हूं। भविष्य में चिकित्सक बनने का सपना है। छात्रवृत्ति जीत जाऊंगी तो परीक्षा की तैयारी में बहुत मदद मिलेगी।
एकता सिंह, छात्रा।
प्रश्नपत्र में आए सभी सवालों को हल कर दिया है। पेपर बहुत अच्छा आया था। परीक्षा देने बहन और पापा के साथ आई हूं। छात्रवृत्ति से बीएससी करनी है, ताकि उच्च शिक्षा हासिल कर सकूं।
मनी सिंह, छात्रा।
कुछ प्रश्न गणित के रह गए हैं। मेरा सपना शिक्षक बनना है। पापा टेलर हैं। छात्रवृत्ति से मुझे आगे की पढ़ाई करनी है और परिवार का सहारा बनना है।
दीक्षा, छात्रा।
करीब 70 सवाल सही किए हैं। तैयारी कर रहे थे। इंटर के बाद आईआईटी करनी है। छात्रवृत्ति आगामी पढ़ाई की तैयारी के काम आएगी।
शिवम शर्मा, छात्र।
पापा किसान हैं। चार भाई-बहन हैं। पढ़कर मुझे आईएएस बनना है। 80 सवाल सही किए हैं। एक महीने से मन लगाकर तैयारी कर रही थी। मेरा सपना पापा को गौरवान्वित करवाना है।
निधि, छात्रा।
फार्म भरने के बाद से ही परीक्षा की तैयारी करना शुरू कर दिया था। मेरे भाई मुझे पढ़ाना चाहते हैं। उन्होंने ही फार्म भरने के लिए प्रेरित किया था। उनके सपने को साकार करने के लिए पुलिस विभाग में जाना है।
अमन चौधरी, छात्र।
पापा रिक्शा चलाकर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। पड़ोस की दीदी ने फार्म भरवाया था। यदि छात्रवृत्ति मिलेगी तो अपनी पढ़ाई के साथ परिजनों की भी मदद करनी है। 75 सवाल सही किए हैं।
टिंकू कश्यप, छात्र।
मम्मी के साथ परीक्षा देने आई हूं। मेरी दोस्त ने फार्म भरवाया था। लगभग 75 सवाल सही हैं। आईएएस बनना है। इसके लिए बहुत पढ़ाई करनी है।
शाइमा, छात्रा।
शिक्षक ने फार्म भरवाया था। परीक्षा उत्तीर्ण करने के लिए तैयारी भी की है। 80 प्रश्न सही हुए हैं। उम्मीद है कि छात्रवृत्ति मिल जाएगी। भविष्य में वकील बनना है।
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केशव चौधरी, छात्र।
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