प्रधान सुखीराम ने बताया कि उसने इसकी सूचना तहसील प्रशासन को दी थी। इस पर एसडीएम के निर्देश पर नायब तहसीलदार गौरव विश्नोई अपनी टीम के साथ गांव अतिक्रमण को देखने पहुंचे थे। टीम के वहां पहुंचने पर अवैध कब्जे के आरोपी मौके पर पहुंच गए और टीम के साथ गाली गलौज करने लगे। नायब तहसीलदार ने भूमि से संबंधित अभिलेख मांगे तो आरोपी फावड़ा और हाथ में ईंट लेकर नायब तहसीलदार को दौड़ा लिया। इस पर उनके साथ मौजूद होमगार्ड व गांव के कुछ अन्य लोगों ने बचाया। नायब तहसीलदार की सूचना पर एसडीएम सदर परमानंद सिंह और मझोला पुलिस मौके पर मय फोर्स पहुंच गई। लेकिन आरोपी इससे पहले मौके से फरार हो चुके थे। बाद में एसडीएम ने अपनी मौजूदगी में पानी टंकी लगाने के लिए चिह्नित की गई सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा कर किए गए निर्माण को जेसीवी मंगवा कर ध्वस्त करा दिया।
इस संबंध में नायब तहसीलदार गौरव विश्नोई ने गांव निवासी बृजेश और जसवंत पुत्रगण त्रिमल और बृजेश की पत्नी के खिलाफ हत्या प्रयास के इरादे से हाथ में फावड़ा और ईंट लेकर दौड़ाने का आरोप लगाते हुए थाने में तहरीर दी है। ग्राम प्रधान ने बताया कि इस मामले में मझोला थाना पुलिस ने पूछताछ के लिए तीन लोगों को हिरासत लिया है।
ग्राम पंचायत रसूलपुर सुनवाती में जलजीवन मिशन के तहत पानी टंकी निर्माण के लिए सरकारी भूमि गाटा संख्या-10 में चिह्नित की गई थी। उस पर अवैध कब्जे की शिकायत पर मैं टीम के साथ मौके पर गया था। जहां बृजेश और जसवंत पुत्रगण त्रिमल और बृजेश की पत्नी ने गाली गलौज की। विरोध किया तो हाथ में फावड़ा, ईंट लेकर दौड़ा लिया। गांव के लोगों ने बमुश्किल बचाया। उच्चाधिकारियों को सूचना देने के साथ मैंने तीनों के खिलाफ घटना की तहरीर मझोला पुलिस को दे दी है। -गौरव विश्नोई, नायब तहसीलदार
ग्राम पंचायत रसूलपुर सुनवाती में सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायत पर नायब तहसीलदार गौरव विश्नोई को मौके पर भेजा था। वहां अवैध कब्जे के आरोपियों ने उन पर हमला किया। अवैध कब्जे को ध्वस्त करा दिया गया है। संबंधित थाना पुलिस को एफआईआर के आदेश दिए गए हैं। -परमानंद सिंह, एसडीएम सदर
पहले भी आरोपी सरकारी जमीन पर कब्जे का कर चुके प्रयास
ग्राम पंचायत रसूलपुर सुनवाती में सरकारी जमीन में दो साल पहले खाद के गड्ढे खोदे गए थे। आरोपी जसवंत और बृजेश ने उसे भी कब्जे की नीयत से पाट दिया था। उस समय भी इसकी शिकायत प्रशासन से की गई थी। जिसमें पुलिस ने तब आरोपियों के खिलाफ सिर्फ शांति भंग आशंका की कार्रवाई की थी।