सीआरपीएफ ग्रुप सेंटर रामपुर से संबद्ध 110 वीं बटालियन के सहायक उप निरीक्षक एएसआई (जीडी) मोहन लाल भी गुरुवार को जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकी हमले में शहीद हो गए। मोहन लाल मूल रूप से उत्तराखंड के उत्तरकाशी के निवासी थे। उनका परिवार देहरादून में रहता है। उनके पार्थिव शरीर को सलामी देने के लिए ग्रुप सेंटर से सहायक कमांडेंट दीपक पुनिया के नेतृत्व में सलामी टुकड़ी देहरादून के लिए रवाना कर दी गई है।
गुरुवार को जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर हमले में 38 जवान शहीद हो गए हैं और कई गंभीर रूप से घायल हैं। इस हमले में सीआरपीएफ की 110 बटालियन के एएसआई (जीडी) मोहन लाल भी शहीद हो गए। मोहन लाल की ड्यूटी गश्त पर थी। हमला होने के बाद से उनका कोई पता नहीं चल रहा था। सीआरपीएफ की 110 वीं बटालियन का प्रशासनिक कार्य रामपुर ग्रुप सेंटर से होता है। ग्रुप सेंटर के अधिकारी भी उनकी जानकारी हासिल करने की कोशिश कर रहे थे। शुक्रवार को सीआरपीएफ के डीआईजी सुनील जून ने बताया कि गुरुवार पुलवामा में हुए हमले में 110 वीं बटालियन के एएसआई मोहन लाल शहीद हो गए हैं। सीआरपीएफ के अधिकारियों ने बताया कि मोहन लाल की तैनाती कुछ समय पहले तक झारखंड में थी। हाल ही में उनकी तैनाती जम्मू-कश्मीर में हुई थी।
ग्रुप सेंटर में आयोजित हुई श्रद्धांजलि सभा
सीआरपीएफ ग्रुप सेंटर
- फोटो : अमर उजाला
जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में गुरुवार को हुए आतंकी हमले में शहीद हुए सीआरपीएफ के जवानों को शुक्रवार को रामपुर ग्रुप सेंटर में श्रद्धांजलि दी गई। शहीदों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए मौन धारण कर शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी गई।
ग्रुप सेंटर की सुरक्षा बढ़ाई गई
पुलवामा में हुए हमले के बाद सीआरपीएफ ग्रुप सेंटर रामपुर की सुरक्षा और बढ़ा दी गई है। ग्रुप सेंटर आने-जाने की सघन चेकिंग की जा रही है। ग्रुप सेंटर के डीआईजी ने बताया कि हम हमेशा सर्तक रहते हैं।
जयाप्रदा ने पुलवामा आतंकी हमले की निंदा की
Jaya Prada
फिल्म अभिनेत्री एकसभा क्षेत्र की पूर्व सांसद जयाप्रदा ने जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में आतंकवादी हमले की निंदा करते हुए शहीदों के शोक-संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। जयाप्रदा ने शुक्रवार को जारी बयान में कहा है कि आतंकवादी हमले से मैं बहुत दुखी हूं। मेरे पास संवेदना व्यक्त करने के पर्याप्त शब्द नहीं है, फिर भी मैं दुख प्रकट करती हूं। शहीदों के परिवारों की वेदना को मैं अच्छी तरह से समझती हूं। इस दु:ख की घड़ी में पूरा देश आतंक और क्रूरतापूर्ण शक्तियों के खिलाफ एकजुट होकर खड़ा है। जयाप्रदा ने कहा कि इस दु:ख की घड़ी में सभी राजनीतिक पार्टियां आतंकवाद के खिलाफ एकजुट हों। मैं सरकार से भी मांग करती हूं, कि आतंकवाद के खिलाफ सख्त से सख्त कदम उठाएं।