गुरुवार को सांसद ने अपने दीपा सराय स्थित आवास पर मीडियाकर्मियों से वार्ता की। इस दौरान उन्होंने कहा कि झांसी में अतीक अहमद के बेटे असद अहमद और दूसरे युवक गुलाम को पुलिस ने एनकाउंटर में मार दिया है। यह इंसाफ नहीं है। हमारे देश के कानून और अदालत से इंसाफ होना चाहिए।
एनकाउंटर कानूनी फैसला नहीं है। अगर वो मुजरिम थे तो जेल भेजना चाहिए था। अदालत से केस चलता और उन्हें फांसी होती या जो भी सजा तय होती। यह एनकाउंटर मसले का हल नहीं है। कोई जुर्म करता है तो फैसला कानून से ही होना चाहिए। अदालत के फैसले से किसी को कोई एतराज नहीं होगा।