महिला के लिए सीट आरक्षित होने की स्थिति में वो चुनाव नहीं लड़ सकते हैं। ऐसे में उन्होंने बीच का रास्ता निकाला है ब्याह रचाने का। उनकी अभी तक शादी नहीं हुई थी। नेता जी का शुक्रवार को निकाह है। इसके बाद वो अपनी पत्नी को रामपुर नगरपालिका अध्यक्ष के लिए चुनाव लड़वाएंगे।
नेता जी कांग्रेस पार्टी से जुड़े हुए हैं। महिला सीट होने की वजह से पैनल में उनका नाम तो गया नहीं है। अब वो अपनी नई नवेली दुल्हन के लिए पार्टी से टिकट की मांग करेंगे। पार्टी का टिकट नहीं मिलने की स्थिति में वो अपनी पत्नी को निर्दलीय भी चुनावी मैदान में उतार सकते हैं। ऐसा उनके करीबियों का कहना है।