मुरादाबाद। पूर्व वित्तमंत्री एवं भाजपा के प्रखर वक्ता अरुण जेटली 1996 और 2009 लोकसभा चुनाव और 2011 में भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति में मुरादाबाद आए थे। कार्यकर्ताओं के प्रति उनका स्नेह और बूथ मैनेजमेंट के प्रति उनके गुरु मंत्र को मुरादाबाद के भाजपाई कभी भूल नहीं पाएंगे। अरुण जेटली के आकस्मिक निधन से भाजपाइयों में शोक की लहर है।
अरुण जेटली पहली बार 1996 में लोकसभा चुनाव में मुरादाबाद आए। भाजपा से विजय बंसल प्रत्याशी थे। अरुण जेटली ने बंसल के समर्थन में गांधी नगर के मैदान में जनसभा की थी। हालांकि, बंसल चुनाव हार गए थे। विजय बंसल यूपी के पूर्व डीजीपी भी रहे। 2009 के लोकसभा चुनाव में भी भाजपा प्रत्याशी सर्वेश सिंह के समर्थन में जेटली मुरादाबाद आए। सिविल लाइन स्थित एवरग्रीन कंपाउंड में जेटली ने कार्यकर्ताओं को संबोधित किया था। 2011 में जेटली उत्तरप्रदेश के प्रभारी थे। बतौर प्रभारी मिड टाउन क्लब में प्रदेश कार्यसमिति में कार्यकर्ताओं और नेताओं को गुरुमंत्र दिया था। राज्य मंत्री गोपाल अंजान बताते हैं, जेटली का कार्यकर्ताओं के प्रति बेहद स्नेह रहा। उनका बूथ प्रबंधन जबर्दस्त था। भाजपा को 303 के मुकाम तक पहुंचाने में उनके योगदान को पार्टी कभी भूला नहीं पाएगी। पूर्व महानगर अध्यक्ष मनोज गुप्ता बताते हैं, 2009 में उन्होंने कार्यकर्ताओं में जोश भरा था। उनका मानना था कि कार्यकर्ता नींव के पत्थर हैं, जो दिखाई नहीं देते, लेकिन संगठन उनकी ताकत पर ही खड़ा होता है। विधायक रितेश गुप्ता बताते हैं, वित्तमंत्री जेटली के मुरादाबाद कार्यक्रम हमेशा जहन में जिंदा रहेंगे।
विपरीत परिस्थितियों में साथ खड़े रहे जेटली: भूपेंद्र
कैबिनेट मंत्री भूपेंद्र सिंह ने कहा कि भाजपा के कद्दावर नेता अरुण जेटली के आकस्मिक निधन से संगठन को बड़ा झटका लगा है। इसकी भरपाई कभी नहीं हो पाएगी। भूपेंद्र सिंह ने कहा कि अरुण जेटली ने लंबे समय तक संगठन और सरकार का नेतृत्व किया। बाजपेई सरकार में न्याय एवं पिछली मोदी सरकार में वित्तमंत्री का दायित्व संभालकर देश के विकास में अहम योगदान दिया। संगठन और कार्यकर्ताओं में लंबे समय तक अरुण जेटली का संस्मरण रहेगा। भूपेंद्र सिंह ने कहा कि अरुण जेटली से उनका करीब 20 साल से परिचय था। विपरीत राजनीतिक परिस्थितियों में जेटली हमेशा मजबूती से उनके साथ खड़े रहे। उनका हमेशा सहयोग मिला।