मुरादाबाद। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस साइबर ठगों का मददगार बन गया है। इसके लिए साइबर ठग लोगों की आवाज, फोटो और वीडियो बदलकर उनके परिचित, रिश्तेदार और दोस्तों से रकम मांग रहे हैं।
मुरादाबाद में कई लोग इस गिरोह के जाल में फंसकर अपनी रकम गंवा चुके हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जरिए साइबर हूबहू ऐसी आवाज फोटो और वीडियो बना रहे हैं, जिन्हें साइबर ठगी के शिकार हो रहे लोग पहचान ही नहीं पा रहे हैं। साइबर सेल और साइबर अपराध थाने में पहुंच रही शिकायतें बता रही हैं कि किस-किस तरह की साइबर ठगी हो रही हैं।
अधिवक्ता से कर ली ठगी
मुरादाबाद। दि बार एसोसिएशन एंड लाइब्रेरी के पूर्व अध्यक्ष प्रदीप सिन्हा से भी ठग 2.17 लाख रुपये की ठगी हो चुकी है। साइबर अपराधी ने प्रदीप सिन्हा को अमेरिका में रह रहे उनके भांजे अन्नू का नाम लेकर कॉल की थी। आवाज हूबहू अन्नू की लग रही थी। आरोपी ने कहा कि उसने उनके खाते में रकम भेजी है। जिसमें 2.17 लाख रुपये मेरे दोस्त के खाते में जमा करा दें। आरोपी के बताए खाते पर अधिवक्ता ने रकम जमा कर दी थी।
मामा का नाम लेकर की ठगी
मुरादाबाद। मझोला थाना क्षेत्र के लाइन पर में रहने वाले विकास के पास एक व्यक्ति ने फोन किया। जिसने बताया कि वह उसके मामा बोल रहे हैं। वह उसके पापा के खाते में 20 हजार रुपये भेज रहे हैं। विकास को लगा के उसके मामा की आवाज है। उसे आवाज में कोई भी अंतर दिखाई नहीं दिया। जिस कारण उसने उससे बात की और उसके कहने पर अपने खाते और डेबिट कार्ड की जानकारी दी। जिसके बाद उसके खाते से 30 हजार रुपये निकल गए।
भाई मैं आपके खाते में 10 हजार भेज रहा हूं
मुरादाबाद। कटघर थाना क्षेत्र के पीतलनगरी में रहने वाले सुनील कुमार के पास एक फोन आया। जिसने बताया कि मैं उनका छोटा भाई बोल रहा हूं। आपके खाते में 10 हजार रुपये भेज रहा हूं। भाई को अपने छोटे भाई की आवाज लगी। जिस कारण उन्हें उसे पर पूर्ण विश्वास होगा और उससे बातचीत के दौरान अपने खाते और डेबिट कार्ड की जानकारी दे दी। इसी दौरान उनके खाते से 50 हजार रुपये दूसरे खाते में ट्रांसफर हो गए। उनके मोबाइल पर मैसेज आया कि उनके खाते से पैसे निकल गए, तब उन्होंने अपने भाई को फोन किया। तब भाई ने बताया कि उन्होंने उन्हें कोई फोन नहीं किया था। तब उन्हें साइबर साइबर ठगी का एहसास हुआ। सुनील ने इस मामले को शिकायत साइबर सेल में कर रकम वापस करने की मांग किया।
इस तरह आवाज की लेते हैं सैंपल
- आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के माध्यम से किसी की भी आवाज की नकल करने के लिए सिर्फ तीन से पांच सेकेंड का वीडियो चाहिए। साइबर ठग फेसबुक, इंस्टाग्राम या यूट्यूब पर सर्च कर किसी भी आवाज का सैंपल ले लेते हैं। इसके बाद वायस क्लोन कर उनके परिचित, रिश्तेदारों को फोन करते हैं। आवाज की क्लोनिंग ऐसी होती है कि पति-पत्नी, पिता पुत्र तक आवाज नहीं पहचान पा रहे हैं। इसके बात सगे संबंधी को फोन कर रकम मांगते हैं।
साइबर ठगी बचाव
दोस्त रिश्तेदार बनकर अगर आपके पास किसी नंबर से फोन आए तो आप सतर्क हो जाएं।
अलग-अलग अकाउंट का अलग-अलग पासवर्ड रखें, एक-जैसे पासवर्ड बनाने से बचें।