भाजपा नेता पर लगेगा गैंगस्टर, ब्योरा जुटा रही पुलिस
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भाजपा नेता की संपत्ति का ब्योरा जुटा रही पुलिस, गैंगस्टर एक्ट में होगी कार्रवाई
भट्ठा मजदूर को बंधक बनाकर पीटने में ललित कौशिक को किया है गिरफ्तार
-कुशांक हत्याकांड में रहा शामिल, ललित की गिरफ्तारी के बाद हुआ था खुलासा
अमर उजाला ब्यूरो
मुरादाबाद। भाजपा नेता ललित कौशिक की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। चार दिन में चार मुकदमों में नाम शामिल करने के बाद पुलिस अब ललित कौशिक की संपत्ति का ब्योरा जुटाने में जुट गई। ताकि गैंगस्टर एक्ट में कार्रवाई में भी कार्रवाई की जा सके।
मूंढापांडे निवासी भट्ठा मजदूर ओमप्रकाश ने तहरीर 25 मार्च को मूंढपांडे थाने में पूर्व ब्लाॅक प्रमुख एवं भाजपा नेता ललित कोशिक, प्रधान पति शिवकुमार और सतीश रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसमें उसने आरोप लगाया था कि आरोपियों ने उसे फैक्टरी में बंधक बनाकर पीटा था। इस मामले में पुलिस ने शनिवार को ललित कौशिक को सर्किट हाउस से उठा लिया था। ललित कौशिक यहां प्रभारी मंत्री जितिन प्रसाद के कार्यक्रम में शामिल होने गए थे।
पुलिस ने कोर्ट में पेश करने के बाद उन्हें जेल भेज दिया था। सिविल लाइंस थाने में 26 मार्च को ऑर्म्स एक्ट में केस दर्ज किया गया था। जिसमें आरोप है कि ललित कौशिक के घर से अवैध पिस्टल की मैगजीन मिली थी। इसके अगले दिन सोमवार को पुलिस ने हरथला निवासी खुशवंत को गिरफ्तार कर चौदह माह पुराने कुशांक गुप्ता हत्याकांड का खुलासा कर दिया। इसमें ललित कौशिक को हत्याकांड की साजिश रचने का आरोप बनाया है। बुधवार को मझोला क्षेत्र में विहिप नेता संतोष पंडित को गोली मारने के मामले में भी पुलिस ने ललित कौशिक को साजिश रचने का आरोपी बनाया है। एसएसपी हेमराज मीना ने बताया कि ललित कौशिक की संपत्ति का ब्यौरा भी जुटाया जा रहा है आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर में भी कार्रवाई की जाएगी। इस लाइन पर भी पुलिस काम कर रही है।
ललित कौशिक के सहयोगियों नहीं पकड़ पाई पुलिस
मुरादाबाद। भट्ठा मजदूर को अगवा कर बंधक बनाकर पीटने के मामले में ललित समेत तीन के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। पुलिस ने ललित कौशिक को गिरफ्तार जेल भेज दिया लेकिन बाकी दो आरोपियों की गिरफ्तारी की कोशिश तक नहीं की। भट्ठा मजदूर ओमप्रकाश ने ललित कौशिक, मूंढापांडे की प्रति के पति शिव कुमार और सतीश सिंह के खिलाफ केस दर्ज कराया था। जिसमें आरोप लगाया था कि तीनों ने उसे बंधक बनाकर पीटा और रायफल व पिस्टल लगाकर उसे जान से मारने की धमकी दी। इस मामले में अब तक सतीश और शिव कुमार की गिरफ्तारी नहीं की गई है। ब्यूरो
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सीएम कार्यालय से हो रही मानीटरिंग
मुरादाबाद। प्रयागराज के उमेश पाल हत्याकांड और मुरादाबाद सीए श्वेताभ तिवारी हत्याकांड में मुख्यमंत्री कार्यालय से रोज रिपोर्ट मांगी जाती है। एक अधिकारी ने बताया कि दोनों हत्याकांड को लेकर सीएम सीधे पूछताछ करते हैं। उन्होंने साफ तौर पर कहा है कि सीए हत्याकांड के खुलासे में किसी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। सही तथ्यों के साथ खुलासा किया जाए। सूत्रों का कहना है कि कुशांक गुप्ता हत्याकांड का खुलासा करने से पहले भी सीएम कार्यालय को पूरी रिपोर्ट भेजी गई थी। इसके बाद ही अफसरों ने हत्याकांड का खुलासा किया। ब्यूरो
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