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Moradabad News: एक साल से शोपीस बनी एफरेसिस यूनिट, जंबो पैक बनाने की किट तक नहीं

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मुरादाबाद। डेंगू के गंभीर मरीजों को राहत देने के बड़े दावों के बीच जिला अस्पताल की एफरेसिस यूनिट एक साल से सिर्फ मशीनों तक सीमित होकर रह गई है। यूनिट स्थापित हुए महीनों गुजर गए, लेकिन प्लेटलेट्स का जंबो पैक तैयार करने वाली जरूरी किट आज तक अस्पताल को नहीं मिल सकीं। हालात यह हैं कि यदि अभी किसी मरीज को जंबो पैक की जरूरत पड़ जाए तो जिला अस्पताल उसकी कोई मदद नहीं कर पाएगा।
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डेंगू, कैंसर और कई गंभीर बीमारियों में मरीजों की प्लेटलेट्स तेजी से गिरने लगती हैं। ऐसे मामलों में जंबो पैक जीवनरक्षक साबित होता है। वर्ष 2023 में डेंगू के भयावह प्रकोप के दौरान मुरादाबाद में हालात इतने खराब हो गए थे कि अस्पतालों में बेड तक नहीं मिल रहे थे। उसी संकट के बाद जिला अस्पताल में एफरेसिस यूनिट लगाने की अनुमति मिली थी, ताकि मरीजों को सरकारी स्तर पर सस्ती और समय पर सुविधा मिल सके।

लेकिन एक साल बाद भी व्यवस्था जमीन पर नहीं उतर सकी। अस्पताल में मशीन तो पहुंच गई, मगर उसे चलाने के लिए जरूरी किट की खरीद तक नहीं हो पाई। नतीजा यह है कि लाखों रुपये की स्वास्थ्य योजनाओं और सरकारी घोषणाओं के बावजूद मरीजों को आज भी निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है। शहर के सिर्फ चार निजी अस्पतालों में यह सुविधा उपलब्ध है, जहां एक जंबो पैक के लिए मरीजों से 18 से 20 हजार रुपये तक वसूले जाते हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि स्वास्थ्य विभाग अब तक यह भी तय नहीं कर पाया है कि जिला अस्पताल में जंबो पैक मरीजों को मुफ्त मिलेगा या शुल्क लेकर दिया जाएगा। यानी सुविधा शुरू होने से पहले ही पूरा सिस्टम असमंजस में फंसा हुआ है। उधर, डेंगू सीजन फिर दस्तक देने वाला है लेकिन जिला अस्पताल की तैयारी कागजों से आगे नहीं बढ़ सकी। एसआईसी डॉ. प्रदीप वार्ष्णेय ने बताया कि निदेशालय को पत्र लिखकर किट उपलब्ध कराने की मांग की जाएगी।
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