कांठ। क्षेत्र के गांव समदगढ़ उर्फ सिकंराबाद में लगे पिंजरे में 45 घंटे के भीतर ही एक और तेंदुआ भी कैद हो गया। जिसे देखने के लिए ग्रामीणों की भारी भीड़ लग गई। सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम अपने साथ मुरादाबाद के डियर पार्क ले गई है। कांठ के गांव समदगढ़ उर्फ सिकंराबाद में 25 सितंबर की रात कार सवारों ने एक साथ तीन तेंदुओं को किसान की नलकूप कोठरी के ऊपर बैठा देखा था। जिनकी उन्होंने वीडियो भी बनाई थी, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुई थी। इसके बाद वन विभाग की टीम ने यहां नलकूप कोठरी के पास पिंजरा लगाया था। जिसमें 28 सितंबर की देर शाम एक मादा तेंदुआ कैद हो गया था।
यहां दो और तेंदुओं की मौजूदगी होने से 29 सितंबर को वन विभाग ने दो अलग-अलग पिंजरे लगाए थे। जिनमें से एक पिंजरे में एक अक्तूबर की आधी के बाद करीब 12:30 बजे दूसरा तेंदुआ भी कैद हो गया था। जिसे मुरादाबाद के डियर पार्क ले जाया गया था। लेकिन यहां दूसरा पिंजरा लगा हुआ था। अभी दूसरे तेंदुए को पकड़े हुए 45 घंटे भी नहीं बीते थे कि शनिवार की रात करीब साढ़े नौ बजे तीसरा तेंदुआ भी पिंजरे में कैद हो गया।
तेंदुए के पिंजरे में कैद होने की सूचना पर उसे देखने के लिए ग्रामीणों की भारी भीड़ लग गई। सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम ने तीसरे तेंदुए को भी मय तीसरे अपने कब्जे में लिया और उसे अपने साथ डियर पार्क ले गई। डॉ. जुल्फिकार अहमद आदि ने इस क्षेत्र में अभी और भी तेंदुए होने की बात कही है। वहीं दूसरी ओर कांठ के भरतपुर में पिछले दिनों दो तेंदुए पकड़े जाने के बाद भी ग्रामीण अभी और तेंदुए देखे जाने का दावा कर रहे हैं।