पटरियों के पास बिछाई जाएगी रबड़ की सड़क
वाइल्ड लाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया की ओर से कहा गया है कि हाथियों के पैर रेलवे ट्रैक के पास पड़ी बजरी में फंस जाते हैं। ट्रेन आने पर उन्हें जल्दी निकलने में परेशानी होती है। इस समस्या से बचने के लिए ट्रैक के पास से बजरी कम कर रबड़ बिछाई जाएगी।
जनवरी 2021 में उत्तर रेलवे के संरक्षा आयुक्त ने हरिद्वार-देहरादून और रायवाला-ऋषिकेश के बीच ट्रेनों को 100 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से चलाने की अनुमति दी थी लेकिन सुरक्षा इंतजाम न होने के कारण रेलवे अब तक स्पीड बढ़ा नहीं पाया है।
अप्रैल 2026 तक हर्रावाला स्टेशन को शुरू करने की तैयारी
हरिद्वार-देहरादून रेलखंड के स्टेशन हर्रावाला को विकसित करने की दिशा में रेलवे तेजी से काम कर रहा है। नवागत डीआरएम ने सबसे पहला दौरा हर्रावाला स्टेशन का किया है। रेल प्रशासन का कहना है कि काम सेंक्शन हो चुके हैं। टेंडर प्रक्रिया चल रही है।
अप्रैल 2026 तक हर्रावाला स्टेशन को रेल संचालन के लिए शुरू करने का लक्ष्य है। फिलहाल देहरादून से ज्यादातर ट्रेनों का संचालन होता है लेकिन वहां भौगोलिक कारणों से 18 कोच से ज्यादा की ट्रेन नहीं चल सकती। हर्रावाला से 24 कोच की ट्रेन चलाई जाएगी।
राजाजी नेशनल पार्क में 20 किमी रेललाइन है। यहां ट्रेनें रात में 35 किमी प्रतिघंटे की गति से गुजरती हैं। भारतीय वन्यजीव संस्थान की रिपोर्ट पर काम किया जा रहा है। हाथियों के गुजरने के लिए रास्ते को प्राकृतिक रूप से बनाया जाएगा। हरिद्वार से देहरादून तक 65 किमी रेललाइन पर गति बढ़ाने की तैयारी है। -आदित्य गुप्ता, सीनियर डीसीएम