मूलरूप से गलशहीद के असालतपुरा निवासी ई रिक्शा चालक शकील करीब तीन माह से मझोला की जयंतीपुर टीचर कॉलोनी में किराये के मकान में रह रहा है। इसी मकान के एक कमरे में शकील की बड़ी बेटी साइबा और दामाद गुल नवाज भी रहते हैं। शकील की तीन बेटियां और चार बेटे हैं। दूसरे नंबर की बेटी जैनब ने पुलिस को बताया कि रात करीब आठ बजे उसकी मां रुखसाना (40) रसोई में खाना बना रही थी।
उसका बहनोई गुलनवाज बाहर से घूमकर आया और बरामदे में तख्त पर बैठ गया था। रात करीब आठ बजे गुलनवाज को उसका दोस्त मुस्तफा बुलाने आ गया। गुलनवाज स्मैक का आदी है। जैसे ही गुलनवाज बाहर जाने लगा तो मां ने उसे टोक दिया। कहा- जाने लगा नशेड़ी। इसी बात पर आरोपी दामाद गुस्से में आ गया और उसने तमंचे से मां की गर्दन में गोली मार दी।
फायरिंग की आवाज सुनकर साइबा भी अपने कमरे से बाहर निकल आई। रुखसाना के बेटे, बेटियों ने आरोपी को पकड़ने का प्रयास किया तो आरोपी ने सभी को गोली मारने की धमकी दी। इसके बाद वह मुस्तफा के साथ भाग गया। बहन भाइयों की चीख पुकार मचने पर आस पड़ोस के लोग आ गए। इसके बाद रसोई में देखा तो रुखसाना खून से लथपथ हालत में पड़ी थी।
इसके बाद बड़ी बेटी लोगों की मदद से घायल रुखसाना को लेकर जिला अस्पताल पहुंची जहां डॉक्टरों ने रुखसाना को मृत घोषित कर दिया। सीओ सिविल लाइंस कुलदीप गुप्ता और थाना प्रभारी रविंद्र कुमार घटनास्थल पर पहुंचे और जांच पड़ताल की। घर में मौजूद लोगों से पूछताछ की गई। एसपी सिटी कुमार रण विजय सिंह ने बताया कि आरोपी नशा करने का आदी बताया जा रहा है। महिला ने आरोपी को नशेड़ी कह दिया था। इसी बात पर उसने गोली मार दी। आरोपी की तलाश की जा रही है।